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तेलंगाना तहरीक में अहम किरदार अदा करने वाले तलबा बुनियादी सहूलतों से महरूम

अलाहिदा तेलंगाना तहरीक में कलीदी रोल अदा करने वाली उस्मानिया यूनीवर्सिटी के तलबा बुनियादी सहूलतों से महरूम हैं, बैतुल ख़ुलाओं को दरवाज़े नहीं है। खुले आसमान के नीचे तलबा को पानी नहाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

खाना वग़ैरा भी सही ना मिलने की तलबा शिकायतें कर रहे हैं। 100 साला तारीख़ रखने वाली उस्मानिया यूनीवर्सिटी ने कई सपूतों को अपनी तालीम से आरास्ता किया है। यूनीवर्सिटी से फ़ारिग़-उत-तहसील होने वाले सपूतों ने मुल्क और बैरून ममालिक अपनी सलाहीयतों का भरपूर मुज़ाहिरा करते हुए उस्मानिया यूनीवर्सिटी और हिंदुस्तान का नाम रौशन किया है।

आलमी शोहरत याफ़्ता यूनीवर्सिटी कसमपुर्सी के दौर से गुज़र रही है। तेलंगाना के हेडक्वार्टर शहर हैदराबाद में रहने वाली ये यूनीवर्सिटी का हाल किसी पिछड़े हुए गांव की मानिंद हो गया है जिस तरह गांव के अवाम सहूलतों से महरूम होते हैं इसी तरह उस्मानिया यूनीवर्सिटी के होस्टल्स में मुक़ीम तलबा की सूरते हाल भी कुछ ऐसी है।

होस्टल्स के तलबा के लिए कोई बुनियादी सहूलतें नहीं हैं। बैतूल ख़ुलाओं को दरवाज़े नहीं हैं। नहाने के लिए नलों के पाइपलाइनों में पानी नहीं है। होस्टल्स में बर्क़ी की वायरिंग नाकारा हो गई है।

मुनासिब देख-भाल ना होने से बारिश के मौसम में छतों से पानी टपकते रहता है। कई इमारतें मख़दूश हो चुकी हैं। तलबा को सही खाना नहीं मिल रहा है। बाथ रूम्स की सफ़ाई ना होने और बुनियादी सहूलतें ना होने के बाइस तलबा खुले आसमान के नीचे पानी नहा रहे हैं।

यूनीवर्सिटी इंतेज़ामीया और हुकूमत के अर्बाबे मजाज़ तक तलबा ने कई शिकायतें की हैं। ताहम अलाहिदा तेलंगाना रियासत तशकील पाने के 15 माह बाद भी हुकूमत ने तलबा के मसाइल को हल करने की कोई कोशिश नहीं की। यहां तक उस्मानिया यूनीवर्सिटी के मसाइल को भी यकसर नजर अंदाज़ कर दिया गया है।

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