Tuesday , August 21 2018

तेलंगाना पर काबीना में शदीद इख़तिलाफ़ात

आंध्र- प्रदेश काबीना में आज शदीद इख़तिलाफ़ात उस वक़्त देखे गए जब विज़ारती टीम ने तेलंगाना पर विज़ारती ग्रुप से मुलाक़ात की। डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर अलाहिदा रियासत की तशकील पर जल्द फ़ैसले और तेलंगाना बिल पार्लियामेंट के मुजव्वज़ा सरमाई

आंध्र- प्रदेश काबीना में आज शदीद इख़तिलाफ़ात उस वक़्त देखे गए जब विज़ारती टीम ने तेलंगाना पर विज़ारती ग्रुप से मुलाक़ात की। डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर अलाहिदा रियासत की तशकील पर जल्द फ़ैसले और तेलंगाना बिल पार्लियामेंट के मुजव्वज़ा सरमाई सेशन में पेश करने की हिमायत कर रहे थे जबकि उनके दीगर साथी रियासत की तक़सीम के फ़ैसले पर नज़रेसानी का मुतालिबा कर रहे थे।

आंध्र-प्रदेश कांग्रेस के तीन रुक्नी वफ़द ने जो डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर दामोदर राज नरसिम्हा , वज़ीर सयाहत वे वसंत कुमार और वज़ीर-ए-तालीम शैलेजानाथ पर मुश्तमिल था, कल विज़ारती ग्रुप से मुलाक़ात की। दामोदर राज नरसिम्हा ने तेलंगाना पर बिल पार्लियामेंट के मुजव्वज़ा सैशन में पेश करने का मुतालिबा किया। दूसरी तरफ़ सीमा आंधरा इलाक़ा से ताल्लुक़ रखने वाले वुज़रा ने वज़ारती ग्रुप पर ज़ोर दिया कि आंधरा प्रदेश की तक़सीम के फ़ैसला पर नज़रेसानी की जाये।

वसंत कुमार ने कहा कि हम ने विज़ारती ग्रुप से ये सवाल किया कि इस फ़ैसले पर नज़रेसानी क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि दिन ब दिन मुतनाज़ा मसाइल उभरते जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विज़ारती ग्रुप उस वक़्त उलझन का शिकार है।

राजनरसिम्हा ने कहा कि विज़ारती ग्रुप पर ज़ोर दिया गया है कि तेलंगाना बिल पार्लियामेंट के सरमाई सेशन में मुतआरिफ़ करने का अमल तेज़ किया जाए। उन्होंने ये भी कहा कि तेलंगाना एक हक़ीक़त है और वो कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फ़ैसले पर क़ायम रहेंगे।

इस दौरान टी आर एस ने विज़ारती ग्रुप को मतला किया कि ला ऐंड आर्डर के नाम पर रियासती इंतिज़ामीया में जारी कशाकश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी सदर के चन्द्रशेखर राव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि तेलंगाना के साथ मर्कज़ और रियासत के ताल्लुक़ात इसी तरह होना चाहिए जिस तरह मुल्क में 28 दीगर रियासतों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि ला ऐंड आर्डर के नाम पर इख़तियार पालिसी को हमारा समाज और हमारी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।

दूसरी तरफ़ बी जे पी, सी पी आई और मजलिस आंध्र- प्रदेश की तक़सीम के बाद हैदराबाद को एक काबिले लिहाज़ वक़्त तक दो रियासतों का उबूरी दार-उल-हकूमत बनाए रखे जाने की तजवीज़ से आज इत्तिफ़ाक़ कर लिया लेकिन एक तवील मुद्दत तक इस शहर को मुशतर्का दार-उल-हकूमत बनाए रखने की शदीद मुख़ालिफ़त की।

रियासत की तक़सीम के मसाइल का जायज़ा लेने वाले वुज़रा के ग्रुप के आज यहां मुनाक़िदा इजलास में इन तीनों जमातों ने अपने नज़रियात का इज़हार किया। एम आई एम के सदर असदुद्दीन ओवैसी ने जो हैदराबाद के रुक्न पार्लियामेंट भी हैं, अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि हम किसी मुशतर्का दार-उल-हकूमत पर यक़ीन नहीं रखते। असेंबली और सेक्रेटरियट पर मुश्तमिल हैदराबाद मंडल को एक वाजिबी मुद्दत तक उबूरी दार-उल-हकूमत बनाया जा सकता है।

बी जे पी की आंध्रा प्रदेश यूनिट के सदर जी किशन रेड्डी ने कहा कि उन की पार्टी अलैहदा तलंगाना के क़ियाम के अह्द की पाबंद है और मुतालिबा किया कि पार्लियामेंट के सरमाई इजलास में तेलंगाना बिल पेश किया जाना चाहिए।

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