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तेलंगाना पर मर्कज़ का ग़ैर फ़ैसला कुन मोकोफ़

हैदराबाद 15 जनवरी: मर्कज़ में कांग्रेस के ज़ेर-ए-क़ियादत यू पी ए हुकूमत को आंध्र प्रदेश में अलहदा रियासत तेलंगाना के क़ियाम पर फ़ैसले का एलान करने अब बमुश्किल 15 दिन बाक़ी रह गए हैं एसा मालूम होता है कि मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार श

हैदराबाद 15 जनवरी: मर्कज़ में कांग्रेस के ज़ेर-ए-क़ियादत यू पी ए हुकूमत को आंध्र प्रदेश में अलहदा रियासत तेलंगाना के क़ियाम पर फ़ैसले का एलान करने अब बमुश्किल 15 दिन बाक़ी रह गए हैं एसा मालूम होता है कि मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शनदे को इस ज़िमन में रुकावटों का सामना है ।

चुनांचे हुक्मराँ जमात ने तेलंगाना और सीमा आंध क़ाइदीन के जज़बात-ओ-एहसासात का पता चलाने के लिए हुक्मराँ जमात ने अपने दो तजरुबा कार रियास्ती वज़रह को इस्तेमाल की है ताकि ये देखा जाये कि अलहदा तेलंगाना के क़ियाम से हिट कर किसी दूसरे मुतबादिल हल से तेलंगाना के हामी क़ाइदीन इत्तिफ़ाक़ करसकते हैं या नहीं ।

ग़ालिबन यही वजह है कि तेलंगाना तहरीक में कभी कोई हिस्सा ना लेने वाले हैदराबाद से ताल्लुक़ रखने वाले वज़ीर दानम नागेंद्र अचानक मैदान में कूद पड़े और मीडीया से ख़िताब करते हुए दावा किया कि मर्कज़ बाहुत जलद आंध्र प्रदेश को तक़सीम करसकता है ।

उन्हों ने ये भी कह दिया कि हैदराबाद दोनों रियास्तों का हिस्सा रहेगा । दानम के इस दावे के चंद मिनट बाद एक और रियास्ती वज़ीर सिरीधर बाबू ने दावा कर दिया कि अलहदा तेलंगाना के क़ियाम का ख़ाब बहुत जल्द हक़ीक़त में तबदील होजाएगा ।

उन्हों ने ये उम्मीद भी ज़ाहिर की कि इस इलाके के अवाम आइन्दा संक्रांति अलहदा तेलंगाना रियासत में मनाएंगे और हैदराबाद यक़ीनन रियासत तेलंगाना का हिस्सा ही होगा ।

इन दोनों वुज़रा के बयानात के बाद मुख़्तलिफ़ क़ाइदीन के जवाबी बयानात का सिलसिला शुरू होगया । कांग्रेस के सीनीयर लीडर और रुकन राज्य सभा पलावी गोवर्धन रेड्डी ने कहा कि सीमा आंध्र क़ाइदीन हैदराबाद को मुशतर्का दार-उल-हकूमत बनाने से इत्तेफ़ाक़ नहीं करेंगे । इस तरह नागेंद्र और सिरीधर बाबू के बयानात का अंदाज़ और वक़्त के इंतेख़ाब के तरीका-ए-कार से साफ़ ज़ाहिर होता है कि मर्कज़ी हुकूमत मसला तेलंगाना या फिर कम से कम हैदराबाद को फ़िलहाल के लिए मुशतर्का दार-उल-हकूमत बनाने के सवाल पर इत्तेफ़ाक़ राय पैदा करने की कोशिश कररही है क्योंके अगर एक मर्तबा इस तजवीज़ को सरकारी तौर पर एलान कर दिया जाये तो अलहदा रियासत के मसले पर फ़ैसले को मुल्तवी या मव‌ख़र रखने के लिए मर्कज़ को ख़ातिरख़वाह वक़्त हासिल होजाएगा ।

चंद सयासी तजज़िया निगारों ने बिलख़सूस इस बात पर हैरत का इज़हार किया कि तेलंगाना तहरीक से अमलन दूर रहने वाले दानम नागेंद्र को क्योंकर अलहदा तेलंगाना के क़ियाम के इशारे मिल गए जबके अलहदा रियासत के लिए तहरीक के रूह रवां मसरज़ के जाना रेड्डी जी विनोद पूनम प्रभाकर या मधु याशिकी गौड़ को मर्कज़ के इशारे नहीं मिल पाए ।

यहां ये बात काबिल-ए-ज़िकर है कि मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शनदे ने मसला तेलंगाना पर 28 दिसमबर को कुल जमाती मीटिंग तलब किया था और अंदरून एक माह हल तलाश कर लेने का वाअदा किया था।

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