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तेलंगाना पर वज़ीर-ए-आज़म का ब्यान

वज़ीर-ए-आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह ने मसला तेलंगाना को बरफ़दान की नज़र करने कांग्रेस की कोशिशों का अमलन आग़ाज़ करदिया है । डाक्टर मनमोहन सिंह ने मालदीप से वापसी के दौरान तय्यारा में एक प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए वाज़ेह करदिया

वज़ीर-ए-आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह ने मसला तेलंगाना को बरफ़दान की नज़र करने कांग्रेस की कोशिशों का अमलन आग़ाज़ करदिया है । डाक्टर मनमोहन सिंह ने मालदीप से वापसी के दौरान तय्यारा में एक प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए वाज़ेह करदिया कि तेलंगाना मसला कोई आसान नहीं है । ये एक इंतिहाई पेचीदा मसला है और मर्कज़ी हुकूमत अलैहदा रियासत के क़ियाम से इत्तिफ़ाक़ करते हुए मसला को हल नहीं कर सकती क्योंकि ऐसा करने की सूरत में हालात बिगड़ सकते हैं।

वज़ीर-ए-आज़म ने ये भी वाज़ेह किया कि हुकूमत एक ऐसा हिल दरयाफ़त करने की कोशिश करेगी जो तमाम फ़रीक़ैन केलिए काबिल-ए-क़बूल होगा । उन्हों ने ये इशारा दिया कि ऐसा हिल इलाक़ा की तरक़्क़ी केलिए ख़ुसूसी इक़दामात के ज़रीया किया जा सकता है । डाक्टर मनमोहन सिंह ने अपने साथ तय्यारा में सफ़र कर रहे सहाफ़ीयों से कहा कि अलैहदा रियासत तेलंगाना के क़ियाम के मुतालिबा पर इत्तिफ़ाक़ राय पैदा होने के बाद ही कोई फ़ैसला किया जाएगा। उन्हों ने वाज़ेह करने की कोशिश की कि इस इंतिहाई पेचीदा मसला पर कोई मुबहम मौक़िफ़ इख़तियार नहीं किया जा सकता क्योंकि ऐसा करने से सूरत-ए-हाल बिगड़ सकती है और दुसरे इलाक़ों में अमन मुतास्सिर होसकता है ।

डाक्टर सिंह के मुताबिक़ हुकूमत इस मसला पर इत्तिफ़ाक़ राय पैदा करने की कोशिश कर रही है और सभी गोशों की राय हासिल करते हुए किसी हिल पर पहूंचने के बाद ही इस का ऐलान किया जा सकता है । जलदबाज़ी में इस ताल्लुक़ से कोई फ़ैसला नहीं किया जा सकता। हुकूमत को इस मसला का काबुल अमल हल दरयाफ़त करना है । इस तरह उन्हों ने ये इशारा देने की कोशिश की है कि हुकूमत के सामने अब तेलंगाना की तशकील का ख़्याल ही नहीं है और वो इलाक़ा की तरक़्क़ी केलिए मुख़्तलिफ़ इक़दामात करने की हिक्मत-ए-अमली इख़तियार करते हुए तेलंगाना अवाम की अलैहदा रियासत की तहरीक को ख़तन करना चाहती है ।

वज़ीर-ए-आज़म ने ये इशारा भी दिया है कि हुकूमत इस बात की कोशिश करेगी कि इस मसला का ऐसा कोई मुनासिब हल दरयाफ़त किया जाय जो तमाम फ़रीक़ैन केलिए काबिल-ए-क़बूल हो। डाक्टर सिंह ने ये ब्यान ऐसे वक़्त में दिया है जबकि ये उम्मीद की जा रही थी कि कांग्रेस आली कमान की जानिब से तेलंगाना मसला पर जल्द ही कोई मुसबत ब्यान दिया जाएगा । ख़ुद मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने बक़रईद के फ़ौरी बाद कोई ऐलान करने का इशारा दिया था ताहम वज़ीर-ए-आज़म का ब्यान इस के बरअक्स है ।

डाक्टर सिंह ने जो बातें अपनी प्रैस कान्फ़्रैंस के दौरान कही हैं वो कोई नई बात नहीं है और ना ही पहली बार कही गई हैं। इस से क़बल भी कांग्रेस के मुख़्तलिफ़ क़ाइदीन मुख़्तलिफ़ मौक़ों पर इसी तरह की बयानबाज़ी करते रहे हैं। यही कहा जाता रहा है कि मसला तेलंगाना पेचीदा है और इत्तिफ़ाक़ राय के बगै़र कोई फ़ैसला नहीं किया जा सकता । हुकूमत इत्तिफ़ाक़ राय पैदा करने की कोशिश कर रही है । ये ब्यान इंतिहाई ग़ैर ज़िम्मा दाराना कहा जा सकता है । डाक्टर मनमोहन सिंह ने ये कहा है कि अगर अलैहदा रियासत के क़ियाम से इत्तिफ़ाक़ किया जाता है तो दूसरे इलाक़ों का अमन मुतास्सिर होसकता है । ये जुमला वाज़ेह करता है कि हुकूमत और कांग्रेस की नज़र में दूसरे इलाक़ों का अमन और वहां के अवाम के जज़बात का एहतिराम है । उन की नज़र में तेलंगाना का अमन और तेलंगाना के अवाम के जज़बात की कोई एहमीयत नहीं है ।

वज़ीर-ए-आज़म ने तेलंगाना में अलैहदा रियासत के क़ियाम केलिए किए जाने वाले एहतिजाज को यकसर नज़रअंदाज करदिया है और ये पयाम देने की कोशिश की है कि तेलंगाना अवाम तेलंगाना तहरीक और तेलंगाना के ख़ुद कांग्रेस क़ाइदीन के मुतालिबा की हुकूमत की नज़र में कोई एहमीयत नहीं है । वज़ीर-ए-आज़म की ये मंतिक़ भी अजीब कही जा सकती है कि कोई काबिल-ए-क़बूल हल दरयाफ़त करने की कोशिश की जाएगी । तेलंगाना के साढे़ चार करोड़ अवाम और तमाम सयासी क़ाइदीन ये वाज़ेह करचुके हैं कि इन केलिए अलैहदा रियासत की तशकील से कम कोई बात काबिल-ए-क़बूल नहीं होगी तो फिर वज़ीर-ए-आज़म की नज़र में और कौनसा हल तेलंगाना अवाम केलिए काबिल-ए-क़बूल होसकताहै ? ।

तेलंगाना के अवाम मुसलसल एहतिजाज कर रहे हैं भूक हड़ताल की जा रही है सरकारी मुलाज़मीन अपनी मुलाज़मतों और तनख़्वाहों की फ़िक्र के बगै़र एहतिजाज का हिस्सा बने हैं तेलंगाना के नौजवान अलैहदा रियासत केलिए अपनी जानों की क़ुर्बानियां पेश कर रहे हैं संजीदा फ़िक्र रखने वाले अवामी नुमाइंदे एस मुतालिबा की ताईद में असैंबली और पार्लीमैंट की रुकनीयत से अस्तीफ़ा पेश कर रहे हैं और हुकूमत की नज़र में इन सारी बातों की कोई एहमीयत नहीं है और उसे फ़िक्र है तो दूसरे इलाक़ों में पैदा होने वाले हालात की ।

ये तेलंगाना के तईं हुकूमत की दो नज़री को वाज़ेह करने केलिए काफ़ी है । डाक्टर मनमोहन सिंह का ये ब्यान कांग्रेस क़ाइदीन के ब्यानात की नफ़ी करता है जिन्हों ने ये इशारे दिए थे कि मसला तेलंगाना पर जलदी ही कोई फ़ैसला किया जाएगा और इस का ऐलान भी करदिया जाएगा । वज़ीर-ए-आज़म ने सारे इलाक़ा तेलंगाना के अवाम में मायूसी की लहर पैदा करदी है और ये बिलकुल वाज़ेह तास्सुर देदिया है कि तेलंगाना अवाम का एहतिजाज और उन का मुतालिबा हुकूमत की नज़र में कोई एहमीयत नहीं रखता ।

इन का ये ब्यान इंतिहाई ग़ैर ज़िम्मा दाराना है और इस से एक बार फिर तेलंगाना तहरीक में शिद्दत पैदा होसकती है । उन्हों ने ये भी वाज़ेह किया कि हुकूमत ने रियास्तों की तशकील जदीद के दूसरे कमीशन के क़ियाम के ताल्लुक़ से हनूज़ कोई फ़ैसला नहीं किया है । ये भी इशारा है कि तेलंगाना की सिम्त हुकूमत की कोई तवज्जा नहीं है और वो आंधरा प्रदेश को मुत्तहिद रखने पर ही बज़िद है । हुकूमत की ये ज़िद उस की सयासी मजबूरी होसकती है लेकिन तेलंगाना केलिए जो अवामी तहरीक है वो किसी की ज़िद के आगे कमज़ोर नहीं होगी और तेलंगाना के अवाम अलैहदा रियासत की तशकील तक ख़ामोश नहीं बैठेंगे ।

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