Sunday , June 24 2018

तेलंगाना मसला-ओ-सयासी हालात पर आज कांग्रेस का ग़ौर

नई दिल्ली, २५ सितंबर ( पी टी आई ) ममता बनर्जी की यू पी ए और मर्कज़ी हुकूमत से अलैहदगी मआशी इस्लाहात पर अपोज़ीशन ( विपक्ष) की शदीद मुख़ालिफ़त (विरोध) के दौरान कांग्रेस पार्टी के आली क़ाइदीन (उच्च नेताओ) का एक इजलास ( सभा/ Meeting) कल मुनाक़िद ( आयोजित

नई दिल्ली, २५ सितंबर ( पी टी आई ) ममता बनर्जी की यू पी ए और मर्कज़ी हुकूमत से अलैहदगी मआशी इस्लाहात पर अपोज़ीशन ( विपक्ष) की शदीद मुख़ालिफ़त (विरोध) के दौरान कांग्रेस पार्टी के आली क़ाइदीन (उच्च नेताओ) का एक इजलास ( सभा/ Meeting) कल मुनाक़िद ( आयोजित) होगा जिस में मौजूदा सूरत-ए-हाल का जायज़ा लेकर मुस्तक़बिल ( Future/ भविष्य) की हिक्मत-ए-अमली को क़तईयत दी जाएगी ।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी का एक इजलास कल सदर कांग्रेस सोनिया गांधी की क़ियादत (नेतृत्व) में मुनाक़िद ( आयोजित) होगा जिस में इमकान (उम्मीद) है कि मुल़्क की मौजूदा सयासी (राजनीतिक) सूरत‍ ए‍ हाल का जायज़ा लिया जाएगा क्योंकि तृणमूल कांग्रेस ने यू पी ए से ताल्लुक़ात मुनक़ते (खंडित) कर लिए हैं और हुकूमत मआशी इस्लाहात को आगे बढ़ाने का अज़म रखती है ।

ये इजलास ऐसे वक़्त में मुनाक़िद (आयोजित) हो रहा है जब कांग्रेस में ये वाज़िह ( साफ साफ) एहसास पैदा हो गया है कि देरीना हल तलब मसला ( समस्या) तेलंगाना पर मज़ीद ( ज्यादा) ताख़ीर ( विलम्ब/ देरी) की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है । ये इशारे दिए जा रहे हैं कि पार्टी की जानिब से इस मसला ( समस्या) पर बहुत जल्द कोई फैसला कर लिया जाएगा।

दो दिन क़बल गवर्नर आंधरा प्रदेश मिस्टर ई एस एल नरसिम्हन ने सदर कांग्रेस से मुलाक़ात की थी । इस के इलावा उन्होंने वज़ीर दाख़िला ( गृह मंत्री) सुशील कुमार शिंडे और वज़ीर फायनेंस पी चिदम़्बरम से मुलाक़ात की थी । इन मुलाक़ातों के बाद ये कयास आराईयां शुरू हो गईं कि तेलंगाना मसला पर कोई फैसला किया जाने वाला है ।

तेलंगाना राष़्ट्रा समीति के सरबराह के चन्द्र शेखर राव सोनिया गांधी से मुलाक़ात के लिए दिल्ली में कैंप किए हुए हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी का इजलास ( सभा) ऐसे वक़्त में मुनाक़िद ( आयोजित) हो रहा है जब ये वाज़िह इशारे मिल रहे हैं कि मिस्टर राहुल गांधी को पार्टी में बहुत जल्द भारी ज़िम्मा दारियां सौंपी जाने वाली हैं।

कल के इजलास ( सभा) में पार्टी वज़ीर आज़म की हिमायत का भी ऐलान करेगी जिन्हें अपोज़ीशन ( विपक्ष) की जानिब से कई मसाइल पर निशाना बनाया जा रहा है जिन में रीटेल शोबा (Retail Sector) में बैरूनी सरमाया कारी (विदेशी निवेशको) की इजाज़त का फैसला भी शामिल है ।

इस इजलास का वक़्त अहमियत का हामिल है क्योंकि ये ऐसे वक़्त मुनाक़िद किया जा रहा है जब अपोज़ीशन जमातों की जानिब से हुकूमत के हालिया चंद सख़्त फैसलों के ख़िलाफ़ चंद ही दिन क़बल मुल्क गीर ( संपूर्ण भारत) बंद का एहतिमाम किया गया था । इस इजलास की इसलिए भी अहमियत बढ़ गई है क्योंकि ये नरेंद्र मोदी के इक़तिदार (शासन) वाली रियासत गुजरात में होने वाले असेंबली इंतिख़ाबात ( चुनाव) से क़बल मुनाक़िद हो रहा है ।

कल हिंद कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी मिस्टर जनार्धन द्विवेदी ने ताहम ( यद्वपि) इजलास में ज़ेर बहस आने वाले मसाइल की वज़ाहत करने से इनकार कर दिया । उन्होंने कहा कि इजलास में मुल़्क की मौजूदा सूरत-ए-हाल पर तबादला ख़्याल किया जाएगा । उन से बारह सवाल किया गया था कि वो कांग्रेस वर्किंग कमेटी इजलास के एजंडा पर रोशनी डालें ।

लोक सभा में 19 अरकान रखने वाली तृणमूल कांग्रेस के यू पी ए से दूर होजाने के बावजूद कांग्रेस को ज़्यादा तशवीश नहीं है क्योंकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने हुकूमत की ताईद जारी रखी है । अपोज़ीशन एन डी ए का भी कहना है कि वो हुकूमत के ज़वाल की कोशिश नहीं करेगी और ना उस ताल्लुक़ से मुहिम ( अभियान) चलाई जाएगी ।

हुकूमत अपने दाख़िली तज़ादात के बाइस ( कारण) अज़ ख़ुद ( अपने आप) गिर जाएगी । ताहम हुकूमत की परेशानी ये है कि इस की कुछ हलीफ़ जमातों ने इस के हालिया फैसलों की ताईद ( समर्थन) नहीं की है । डी एम के ने 20 सितंबर को हुए मुल्क गीर बंद में हिस्सा लिया था । ख़ुद कांग्रेस में भी कुछ एख़तिलाफ़ी आवाज़ें उठाई जा रही हैं ।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के ख़ुसूसी मदऊ मिस्टर अनील शास्त्री ने खुले आम इन फैसलों की मुख़ालिफ़त ( विरोध) की है और कहा कि इन फैसलों के नतीजा में पार्टी को नुक़्सान हुआ है । कुछ क़ाइदीन ( लीडर) ने शनाख़्त ज़ाहिर ना करने की शर्त पर बताया कि हुकूमत को एहतियात के साथ पेशरफ़्त करनी चाहीए ।

इजलास में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के मुस्तक़िल अरकान और मुस्तक़िल मदाओएन शिरकत करेंगे।

TOPPOPULARRECENT