Thursday , December 14 2017

तेलंगाना मामले पर सुप्रीमकोर्ट का सुनवाई से इंकार

पार्लियामेंट में तेलंगाना बिल पेश करने पर रोक लगाने से इंकार करने के 10 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने पीर के रोज़ एक बार फिर इस केस को लेकर दायर दो दरखास्त खारिज कर दीं। इन दरख्वास्त में आंध्रप्रदेश का बंटवारा करके नए रियासत की तख्लीक को

पार्लियामेंट में तेलंगाना बिल पेश करने पर रोक लगाने से इंकार करने के 10 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने पीर के रोज़ एक बार फिर इस केस को लेकर दायर दो दरखास्त खारिज कर दीं। इन दरख्वास्त में आंध्रप्रदेश का बंटवारा करके नए रियासत की तख्लीक को चुनौती दी गई थी। आली अदालत ने कहा कि तेलंगाना के खिलाफ दरख्वास्त को “नापुख्ता” करार देते हुए कहा कि वह 7 फरवरी के नजरिए से अलग नज़रिया नहीं अपना सकता है।

जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिसएसए बोबडे की बेंच ने यह दलील रद कर दी कि अब तेलंगाना बिल पार्लियामेंट में पेश हो गया है इसलिए आली अदालत इस पर गौर विचार कर सकती है। अदालत ने कहा कि चूंकि बिल पार्लियामेंट में पेश किया जा चुका है इसलिए वह इसमें मुदाखिलत नहीं कर सकता है। दरखास्तगुजार के वकील का कहना था कि बिल पेश करने की कार्यवाही आईन के आर्टिकल 3 के कानून के मुताबिक नहीं थी।

इस पर जजों ने कहा कि यह नुक्ता ( प्वाईंट) 7 फरवरी को 9 दर्खास्तो में मौजूद था। हम अब कोई अलग नज़रिया नहीं अपना सकते हैं। अदालत ने 7 फरवरी को इस बिल को पार्लियामेंट में पेश करने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। अदालत ने पिछले साल 18 नवंबर के हुक्म का जिक्र करते हुए कहा था कि यह नापुख्ता है और फिलहाल रियासत की तक्सीम के खिलाफ किसी भी दरखास्त पर गौर नहीं किया जा सकता है। अदालत ने साफ किया था कि दरखास्त में उठाए गए मुद्दों पर मुनासिब वक्त पर गौर किया जा सकता है।

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