Tuesday , December 12 2017

तेलंगाना में मुसलमानों की हालतेज़ार, तहफ़्फुज़ात वक़्त की अहम ज़रूरत

रियासत तेलंगाना के मुसलमानों की हालते ज़ार में तबदीली के लिए तहफ़्फुज़ात वक़्त की अहम ज़रूरत है जिस की तकमील के लिए हुकूमते तेलंगाना की जानिब से तशकील दिए गए कमीशन को क़ानूनी हैसियत फ़राहम करने से मज़कूरा कमीशन की रिपोर्ट एक दस्तावेज़ की शक्ल अख़्तियार कर लेगी।

आज यहां मीडिया से बात करते हुए चेयरमैन तेलंगाना जोइंट ऐक्शन कमेटी प्रोफ़ेसर कूदंड राम ने ये बात कही। उन्हों ने कहा कि जिस तरह मंडल कमीशन का क़ियाम अमल में लाते हुए बी सी कम्यूनिटी को तहफ़्फुज़ात का मज़बूत मौक़ा फ़राहम किया गया है इसी तर्ज़ पर मुसलमानों को भी तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी के लिए एक मज़बूत हिक्मते अमली तैयार करने की ज़रूरत है।

उन्हों ने कहा कि मआशी और तालीमी तौर पर पसमांदा तबक़ात और अक़्वाम को तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी एक दस्तूरी अमल है जिस में किसी भी किस्म की रुकावट और ताख़ीर दस्तूर से इन्हिराफ़ के मुतरादिफ़ होगा।

कूदंड राम ने कहा कि तालीमी शोबाजात में तहफ़्फुज़ात के बाद रियासत के मुसलमानों में काफ़ी हद तक तबदीली देखने में आई है। उन्हों ने रियासत तेलंगाना में मुसलमानों की तालीमी और मआशी पसमांदगी को दूर करने में हुकूमत की जानिब से उठाए जाने वाले हर इक़दाम के ख़ैर मक़दम और तेलंगाना जोइंट ऐक्शन कमेटी की जानिब से मुकम्मल तआवुन का भी वाअदा किया।

उन्हों ने कहा कि तहफ़्फुज़ात मआशी और तालीमी पसमांदा मुसलमानों को दस्तूरी हक़ है जिस की फ़्राहमी रियासती हुकूमत की अव्वलीन ज़िम्मेदारी होगी।

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