Tuesday , December 12 2017

तेलंगाना सरकार ने बीफ संबंधी टिप्पणी पर जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्य सचिव एस.पी. सिंह ने बुपालपल्ली के जिलाधिकारी ए मुरली से उनकी बीफ खाने संबंधी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण मांगा। सिंह ने बताया कि मैंने उन्हें उन कथित टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है जो अखबारों में छपी हैं। भाजपा के एन रामचंद्र राव ने विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाया जिस पर वन मंत्री जोगू रामन्ना ने आश्वासन दिया कि सरकार जिलाधिकारी के बयान पर गौर करेगी।

 

 

 

गौरतलब है कि जिलाधिकारी ए मुरली गौमांस और सुअर के मांस से जुड़े अपने बयान को लेकर विवादों में आ गये थे और उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने अपने बयान में धार्मिक कारणों से गौमांस और सुअर का मांस खाना छोड़ने की आलोचना की थी। हालांकि बाद में उन्होंने इस बात के लिए माफी भी मांग ली।

 

 

 

 

मुरली ने विश्व तपेदिक दिवस के अवसर पर येतुरू नगरम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ‘ब्राह्मणवादी’ संस्कृति ने अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों की खाने की आदत को प्रभावित किया है जिससे उनमें प्रोटीन की कमी पैदा हो गई है। उन्होंने कहा था कि पहले हम सुअर और गौमांस खाया करते थे लेकिन अब ब्राह्मणवादी ताकतों की वजह से हम माला जप रहे हैं।

 

 

 

इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है और इसके चलते हम तपेदिक जैसी बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं। उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उनके निलंबन की मांग को लेकर महादेवपुर मंडल में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। कुछ ब्राह्मण संगठनों के सदस्यों ने पुलिस महानिदेशक अनुराग शर्मा से मुलाकात की और जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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