Tuesday , December 12 2017

तेल की क़ीमतों से निमटने दरुस्त फ़ैसला ज़रूरी

वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने आज कहा कि करोड़ ऑयल की बढ़ती क़ीमतों के असरात से निमटने के लिए हुकूमत तमाम फ़रीक़ैन के साथ मुशावरत करेगी और दुरुस्त फ़ैसला किया जाएगा ताकि क़ीमतों में इज़ाफ़ा के अवामी मालिया और सब्सीडी बिल्स पर असरात को कम क

वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने आज कहा कि करोड़ ऑयल की बढ़ती क़ीमतों के असरात से निमटने के लिए हुकूमत तमाम फ़रीक़ैन के साथ मुशावरत करेगी और दुरुस्त फ़ैसला किया जाएगा ताकि क़ीमतों में इज़ाफ़ा के अवामी मालिया और सब्सीडी बिल्स पर असरात को कम किया जा सके।

सनअती शोबा से वाबस्ता क़ाइदीन की जानिब से मालियती ख़सारा और ईंधन पर सब्सीडी के बारे में सवालात का जवाब देते हुए परनब मुकर्जी ने कहा कि सब से अहम सवाल ये है कि क्या हमारा मुल़्क ईंधन की क़ीमतें वाजिबी हद तक कम ना होने की सूरत में 100 से 120 मिलीयन टन करोड़ ऑयल दरआमद करने का मुतहम्मिल हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि ये सब से अहम सवाल है और हम सब को इजतिमाई तौर पर इन मसाइल से निमटने की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि जेग्रोफ़ियाई। सयासी वजूहात बिशमोल ईरान की सूरत-ए-हाल के बाइस करोड़ ऑयल की क़ीमतों में मुसलसल इज़ाफ़ा हो रहा है।

जारीया माह के अवाइल में ये क़ीमतें 125 डॉलर्स फ़ी बैरल की आज़म तरीन हद तक पहुंच चुकी थीं। परनब मुकर्जी ने बताया कि मौजूदा सूरत-ए-हाल से निमटने के लिए मुख़्तलिफ़ तजावीज़ पेश की जा रही हैं और हम इन का जायज़ा ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमें बहरसूरत उन मसाइल से मूसिर तौर पर निमटना है और वो चाहते हैं कि तमाम मुताल्लिक़ा फ़रीक़ैन को शामिल किया जाए ताकि एक बेहतर और मूसिर फ़ैसला करने में मदद मिल सके। हुकूमत ने आलमी सतह पर करोड़ ऑयल की क़ीमतों में बेतहाशा इज़ाफ़ा के बावजूद डीज़ल, केरोसीन और पकवान गैस की क़ीमतों में इज़ाफ़ा से गुरेज़ किया है।

पैट्रोल की क़ीमतों को 2010 में सरकारी कंट्रोल से आज़ाद कर दिया गया, लेकिन डीज़ल की क़ीमतों को इसी तरह आज़ाद करने के बारे में हुकूमत को अभी फ़ैसला करना है। बड़े पैमाने पर सब्सीडीज़ की वजह से मुल्क के मालीयाती ख़सारे पर दबाव बढ़ता जा रहा है जो इम्कान है कि जारीया मालीयाती साल जी डी पी का 5.9 फ़ीसद तक पहुंच जाएगा और 2012१3 में 5.1 फ़ीसद तक होने की तवक़्क़ो है।

हुकूमत ने सब्सीडी बिल को आइन्दा मालीयाती साल में जी डी पी का 2 फ़ीसद से भी कम करने का निशाना मुक़र्रर किया है और इस के बाद बतदरीज उसे 1.75 फ़ीसद करने का मंसूबा है। हुकूमत ने ईंधन की सब्सीडी के सिलसिले में 40 हज़ार करोड़ रुपय की गुंजाइश रखी है।

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