Friday , January 19 2018

तेज़ाब हमले को घिनौना जुर्म क़रार देने पर ग़ौर

नई दिल्ली ख़वातीन पर हमलों के वाक़ियात में इज़ाफ़ा तशवीशनाक : हुकूमत

नई दिल्ली

ख़वातीन पर हमलों के वाक़ियात में इज़ाफ़ा तशवीशनाक : हुकूमत

ख़वातीन पर तेज़ाब के हमलों में इज़ाफे को तशवीशनाक क़रार देते हुए हुकूमत ने इस तरह के हमलों को घिनौने जराइम क़रार देने के लिए ग़ौर-ओ-ख़ौज़ किया है जो कोई इस जुर्म का मुर्तक़िब होगा उसे सख़्त तरीन सज़ा दी जा सकती है। वाक़ियात की तहकीकात के लिए वक़्त मुक़र्ररा का तीन होगा और मुक़द्दमे की कार्रवाई तेज़ी से चलाई जाएगी ताकि इंसाफ़ के हुसूल में ताख़ीर ना होसके।

विज़ारत-ए-दाख़िला के एक बयान में बताया गया है कि एसे तमाम केसों में अज़म तरीन सज़ा उम्र के दिया मौत की सज़ा होगी। इस का जराइम के घिनौने होने की नवीत पर मुनहसिर है। फ़ौजदारी क़ानून ( तरमीमी ) क़ानून 2013 के मुताबिक़ जो शख़्स तेज़ाब हमले का मुर्तक़िब पाया जाये उस को 10साल उम्र कैद की सज़ा दी जाती है।

इस जुर्म का मुक़द्दमा ताज़ीराते हिंद की दफ़ा 3761 के तहत 60 दिन के अंदर पूरा करलिया जाएगा। विज़ारत-ए-दाख़िला ने अब इस तरह के घिनौने जराइम के लिए सज़ा की नवीत में तब्दीली और मुक़द्दमात की मुद्दत में कमी का मंसूबा नाया है। इस केलिए ताज़ीरात हिंद की दफ़आत में तरमीम की जा रही है। वक़्त मुक़र्ररा के अंदर तहकीकात को पूरा कर तमाम मुक़द्दमात की आजलाना यकसूई पर तवज्जे दी जाएगी। इस तरह के फैसलों से क़ानून और नज़म-ओ-नसक़ को एक फ्रेमवर्क में लाने में मदद मिलेगी।

TOPPOPULARRECENT