Friday , January 19 2018

तोहीन‌ का ‘बदला’ तो लेना होगा- मुजफ्फरनगर में अमित शाह

बीजेपी जनरल सेक्रेरी और नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसामंद साथी अमित शाह जुम्मेरात‌ को मुजफ्फरनगर से 40 किलोमीटर दूर राझर गांव में थे। उन्होंने गांव में जाट लीडर्स‌ से मुलाकात की और उकसाने वाली तक़रीर‌ भी दिया।

बीजेपी जनरल सेक्रेरी और नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसामंद साथी अमित शाह जुम्मेरात‌ को मुजफ्फरनगर से 40 किलोमीटर दूर राझर गांव में थे। उन्होंने गांव में जाट लीडर्स‌ से मुलाकात की और उकसाने वाली तक़रीर‌ भी दिया।

अमित शाह के साथ बीजेपी अरकाने असेम्बली सुरेश राणा भी थे। सुरेश राणा फसाद बडाने के मामले मे मुल्ज़िम है। राणा पर इल्ज़ाम‌ है कि उन्होंने फसाद के दौरान लोगों को उकसाया था।

अमित शाह ने यहां कहा कि यह इलेक्शन उस हुकूमत‌ को बाहर करने का मौका है जिसने जाटों को जुल्म का शिकार बनाया। शाह ने बदला लेने और इज्जत की हिफाज़त‌ करने की बात कही।

यह गांव सियासी तोर‌ से बेहद अहम है क्योंकि यहां बत्तीसा खाप का ग़लबा है। मग़रिबी उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में जाटों के इस कम्यूनिटी की खास जगह है।

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