तो कांग्रेस भी अब हिन्दुत्व के रास्ते सत्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है…!

तो कांग्रेस भी अब हिन्दुत्व के रास्ते सत्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है…!

नई दिल्ली। कांग्रेस राजस्थान में उपचुनावों और अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक बड़ा वैचारिक बदलाव करने पर विचार कर रही है। कांग्रेस इस वैचारिक बदलाव के साथ ही भाजपा के राज्य में बढ़ते कदमों को भी रोकने का भरपूर प्रयास करेगी।

गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने तय किया है कि धर्मनिरपेक्षता के अपने मुख्य नारे से थोड़ा हटकर हिन्दुत्व की तरफ झुकेगी। इसे लेकर पार्टी आलाकमान ने देशभर में अपने प्रवक्ताओं को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

इसमें कहा गया है कि साम्प्रदायिक मामलों में बयान देते समय विशेष सतर्कता बरतें। ऐसी कोई बयान न दें, जो हिन्दुत्व के खिलाफ हो।

इससे पहले खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वैचारिक बदलाव का संकेत दे चुके हैं। गुजरात चुनाव के दौरान उन्होंने राज्य के कई मंदिरों के दर्शन किए थे। इसका असर भी गुजरात में देखने को मिला क्योंकि पिछली बार से कांग्रेस की स्थिति में सुधार हुआ है।

कांग्रेस को गुजरात में 80 सीटें प्राप्त हुई हैं। ऐसे में भाजपा से निपटने के लिए पार्टी धर्मनिरपेक्षता के प्रति अब नरमी बरतेगी और हिन्दुत्व की तरफ झुकाव बढ़ाएगी।

23 दिसंबर को दिल्ली में राष्ट्रस्तर के सभी 55 प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि कई प्रवक्ता इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए। खुद राहुल गांधी भी इसमें शामिल नहीं हुए थे।

ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को ईमेल संदेश भेजे गए हैं। इसमें गाइडलाइन तय करते हुए इसकी पालना के निर्देश दिए गए हैं।

पार्टी ने पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया कि सभी प्रवक्ता पार्टी लाइन से हटकर कोई बयान न दें। मीडिया में जाने से पहले पार्टी मुख्यालय को सूचना दें। भाजपा से मुकाबले के लिए हिन्दुत्व की ओर झुकाव रखें।

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