Tuesday , December 12 2017

तो क्या 2018 में होगा जोरदार भूकंप, मचेगी तबाही?

नई दिल्ली। महीना बदलेगा और भूकंप आएगा। ये बात हम किसी को डराने के लिए नहीं कह रहे हैं बल्कि ये दावा उस रिसर्च में किया गया है जिसे अमेरिका की दो बड़ी यूनिवर्सिटीज के 2 प्रोफेसर्स ने किया है। उन वैज्ञानिकों के मुताबिक 2018 में कई बड़े भूकंप के झटके आ सकते हैं।

वो जलजला इतना तेज़ होगा कि बड़ी तबाही मच सकती है। रिसर्च के मुताबिक आने वाले महाभूकंप का अलर्ट धरती ने भेजना शुरु भी कर दिया है।

बताया जा रहा है कि पिछले 4 साल से हर दिन पृथ्वी की रफ्तार कम हो रही है और यही आने वाले साल में दुनिया के कई देशों में बड़े भूकंप की वजह बन सकती है जिसमें हिंदुस्तान भी शामिल है।

हर भूकंप के बाद जो तबाही मचती है उसे देखकर भूकंप का नाम सुनते की लोग खौफज़दा हो जाते हैं लेकिन सबकुछ तबाह कर देने वाले ऐसे ही महाभूकंप को लेकर जो चेतावनी अब जारी कि जा रही है उससे पूरी दुनिया में खलबली मच गई है।

मोंटाना यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि पृथ्वी के घूमने की स्पीड हर रोज़ कुछ मिलीसेकेंड्स में घट रही है और यही सेकेंड्स धरती के अंदर पैदा हो रही एनर्जी को बाहर आने में बहुत बड़ी मदद कर सकते हैं और नतीजा एक विनाशकारी भूकंप के तौर पर सामने आ सकता है।

भू-वैज्ञानिक जो दावा कर रहे हैं उसे सुनकर दिल दहल जाता है क्योंकि अगर 2018 में भूकंप आया और उसकी तीव्रता 7.5 मैग्नूीट्यूड से ज्यादा हुई तो ऐसी तबाही मचेगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। अगर कहीं भूकंप का एपीसेंटर समंदर के अंदर हुआ तो सुनामी भी आ सकती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो के रोजर बिल्हम और यूनिवर्सिटी ऑफ मोंटाना की रेबेका बेंडिक ने भूकंप के बारे में रिसर्च किया हालांकि इस रिसर्च में ये नहीं बताया गया कि वो कौन से इलाके हैं जहां भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि जब पृथ्वी की रफ्तार में फर्क आता है तो दिन छोटे या बड़े होने लगते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर भूमध्य रेखा यानी इक्वेटर के आसपास वाले इलाकों में देखा जाता है।

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