Sunday , December 17 2017

VIDEO: तो क्या जिम्बाब्वे संकट के लिए ऐशो-आराम की जिंदगी जीने वाले ये महिला है जिम्मेदार?

हरारे। अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की पत्नी के कारण गंभीर संकट में है। बुधवार तड़के यहां सेना ने सत्ता पर कब्जा कर राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया।

हालांकि, सरकारी टीवी से सेना के चीफ ऑफ स्टॉफ लॉजिस्टिक्स मेजर जनरल एसबी मोयो ने कहा कि हम केवल मुगाबे के आसपास के अपराधियों को निशाने पर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सैन्य तख्तापलट नहीं है। हमारा मिशन पूरा होने पर सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद है।

ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद 93 वर्षीय मुगाबे 37 वर्षों से जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सैन्य तख्तापलट जैसी कार्रवाई के बाद औपचारिक तौर पर उनके शासन का अंत होगा। सेना का मुख्य मकसद उनकी पत्नी ग्रेस (52) को उनका उत्तराधिकारी बनने से रोकना है।

उपराष्ट्रपति एमर्सन मानागागवा मुगाबे के उत्तराधिकारी के दावेदार थे लेकिन ग्रेस का रास्ता साफ करने के लिए एक सप्ताह पहले उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। सत्तारूढ़ दल में बीमार मुगाबे का उत्तराधिकारी बनने के लिए संघर्ष चल रहा था।

सेना प्रमुख जनरल चिवेंगा ने सोमवार को बर्खास्त उपराष्ट्रपति के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई खत्म करने के लिए दखल देने की चेतावनी दी थी। सेना ने मानागागवा की बर्खास्तगी स्वीकारने से मना कर दिया। इसके बाद मुगाबे की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट ने उन पर विश्वास जताया और चिवेंगा पर देशद्रोह का आरोप लगाया।

जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति भले री रॉबर्ट मुगाबे रहे हों लेकिन सत्ता का असली जड़ उनकी पत्नी और देश की प्रथम महिला ग्रेस मुगाबे ही थीं। दरअसाल सारे फसाद की जड़ यहीं से शुरू होती है।

वयोवृद्ध हो चुके मुगाबे उन्हें सत्ता सौंपने की तैयारी में थे। इसकी बुनियाद उपराष्ट्रपति व सुरक्षा प्रमुख इमरसन मनंगावा को कुछ महीने पहले बर्खास्त करने के साथ रखी जा चुकी थी। अब सेना के हस्तक्षेप से खेल बिगड़ता दिख रहा है।

ग्रेस कभी राष्ट्रपति कार्यालय में सचिव हुआ करती थीं। शादीशुदा मुगाबे से उनका अफेयर हुआ जिसका नतीजा शादी के रूप में सामने आया। मुगाबे की पहली पत्नी किडनी की बीमारी के 1992 दुनिया छोड़कर जा चुकी हैं। ग्रेस से मुगाबे के 2 बच्चे हैं।

पिछले कुछ सालों से ग्रेस का रसूख सत्ता के गलियारों में बढ़ा। हाल ही में दिए एक बयान में अपनी मंशा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगले चुनाव से पहले अगर उनके बीमार पति की मौत हो जाती है तो वो लाश के साथ चुनाव में उतरेंगी।

ग्रेस मुगाबे पर अकसर ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के आरोप लगते रहे हैं जबकि देश गरीबी और भुखमरी से जूझ रहा है। इसी हफ्ते ग्रेस के एक बेटे की तस्वीर सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना कर रही थी जिसमें वह नाइटक्लब में एक महंगी घड़ी पर शैंपेन गिराते नजर आ रहे थे।

ग्रेस मुगाबे की छवि तब भी खराब हुई थी जब इसी साल सितंबर में उनपर जोहांसबर्ग में एक मॉडल के साथ लड़ाई करने का आरोप लगा था।

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