Monday , September 24 2018

त्रिपुरा में फिर तोड़ी गई लेनिन की मूर्ति, अभी भी हिंसा जारी

त्रिपुरा में सत्ता का बदलाव हिंसा की बयार लेकर आया है. पूर्वोत्तर के इस राज्य से लेफ्ट को उखाड़ फेंकने का भारतीय जनता पार्टी का आह्वान हिंसा के रूप में भी नजर आ रहा है. बेलोनिया में लेनिन की विशाल मूर्ति पर बुलडोजर चलाने के बाद ऐसी ही एक और घटना सामने आई है.

देशभर में मूर्ति तोड़ने की घटना की आलोचना के बीच मंगलवार को दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम मोटर स्टैंड इलाके में लेनिन की एक और मूर्ति तोड़े जाने की घटना सामने आई है. हालांकि, ये किसने किया, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन शनिवार को राज्य में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही वामपंथी नेताओं और उनके प्रतीकों पर हमले किए जा रहे हैं.

बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद से आगजनी, मारपीट, तोड़-फोड़, झड़प और हिंसा का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ CPI(M) इस हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी ने कहा है कि हिंसा का सहारा लेना उसकी परंपरा नहीं है.

हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर त्रिपुरा के कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है. साउथ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के बेलोनिया सबडिविज़न में बुलडोजर की मदद से व्लादिमिर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया था. जिसका समर्थन करते हुए त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने ट्वीट किया कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार जो कर सकती है, उसे दूसरी चुनी हुई सरकार खत्म भी कर सकती है.

वहीं, CPI(M) नेता सीताराम येचुरी ने हिंसा का विरोध करते हुए कहा कि जो हिंसा हो रही है, उससे स्पष्ट है कि RSS-BJP का रुझान क्या है. हिंसा के अलावा उनका राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं है और जनता इसका जवाब देगी.

TOPPOPULARRECENT