Tuesday , December 12 2017

तक़सीम के अमल में भद्राचलम एक नया तनाज़ा

आंध्र प्रदेश की तक़सीम से पैदा होने वाले कई मसाइल में मंदिरों के शहर भद्राचलम का एक मसला भी शामिल रहेगा।

आंध्र प्रदेश की तक़सीम से पैदा होने वाले कई मसाइल में मंदिरों के शहर भद्राचलम का एक मसला भी शामिल रहेगा।

तेलंगाना के हामीयों का दावे हैके ये इलाके तेलंगाना का अटूट हिस्सा है जबकि सीमांध्र से ताल्लुक़ रखने वाले एक मर्कज़ी वज़ीर ने मुतालिबा किया कि मंदिरों का ये शहर सीमांध्र को दिया जाना चाहीए।

मिलो बटी ने कहा कि वो जानते हैंके मंदिरों के शहर भद्रा चिलिम और गिर यजनों (कबायलियों) के कल्चर का कीस तरह तहफ़्फ़ुज़ किया जाये। तेलंगाना से ताल्लुक़ रखने वाले एक मर्कज़ी वज़ीर पी बलराम नाएक ने इस ज़िमन में तारीख़ी वाक़ियात का तज़किरा करते हुए कहा कि साबिक़ आसफ़जाही रियासत के निज़ाम हुकमरानों की तरफ़ से भद्रा चिलिम के राम मंदिर को तामबरालो अतयात दीए जाते थे ओरासफ़जाही हुकूमत की सरपरस्ती में ही रसूमात की अंजाम दही की जाती थी इस रिवायत पर आज भी अमल दरआमद जारी रखते हुए चीफ़ मिनिस्टर रसूमात की निगरानी किया करते हैं ताहम सीमांध्र के एक और वज़ीर काव‌री सांबा शैव राव ने कहा कि आंध्र प्रदेश की तक़सीम अगर नागुज़ीर ही है तो भद्राचलम को सीमांध्र में शामिल किया जाना चाहीए।

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