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थम नहीं रहा है भूख से मौतों का सिलसिला, अब राशन नहीं मिलने से कई दिन तक भूखी रही सकीना की हुई मौत

आजादी के छ: दशक बाद भी देश में कोई भूख से दम तोड़ दे तो ना सिर्फ हैरानी होती है बल्कि बेहद पीड़ा भी होती है। उत्तर प्रदेश से बेहद झकझोर देने वाली घटना सामने आयी है। यहाँ एक 55 वर्षीय महिला सरकारी नीतियो की भेंट चढ़ गयी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तकनीकी कारणो की वजह से सरकारी राशन की दुकान से महिला के बेटे को राशन नही मिला। जिसकी वजह से महिला कई दिन तक भूखी रही और आख़िर में उसकी मौत हो गयी। हालाँकि ज़िला प्रशासन इस बात से इंकार कर रहा है।

यह दर्दनाक घटना ऐसे समय हो रही है जब ग्लोबल हंडर इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक भुखमरी के मामलों में भारत की स्थिति और चिंताजनक बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत खिसक कर 97 नम्बर पर आ गया है। साथ ही भूखमरी के मामले में भारत को खतरनाक देशों की श्रेणी में रखा गया है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार बरेली स्थित फ़तेहगंज इलाक़े में रहने वाली 55 वर्षीय सकीना काफ़ी दिनो से बीमार चल रही थी। सकीना के पति मोहम्मद इशाक के अनुसार उसको लकवा मार गया था जिसकी वजह से वो चल फिर नही पा रही थी। यही वजह थी की सकीना सरकारी राशन की दुकान पर बायोमैट्रिक के लिए नही जा सकी। इसलिए दुकान के मालिक ने सकीना के बेटे को राशन देने से मना कर दिया।

इस बारे में बताते हुए इशाक ने कहा की हम पिछली बार सकीना को किसी तरह खाट पर लिटाकर अंगूठे के लिए ले गए थे लेकिन इस बार उसकी तबियत ज़्यादा ख़राब थी इसलिय यह सम्भव नही हो सका। सकीना के बेटे शमसाद ने भी इस बात की पुष्टि की है।
हैरानी की बात यह है की सकीना की मौत के दो दिन बाद ही प्रशासन ने उसके घर दो बोरियाँ अनाज भिजवा दी। उधर ज़िला प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है कि सकीना की मौत भूखमरी से हुई।

बरेली के डीएम आर विक्रम सिंह ने बताया कि हम यह बात मानते है कि यह परिवार काफ़ी ग़रीब है लेकिन सकीना की मौत भूखमरी की वजह से नही हुई। चूँकि बिना पोस्टमार्टम हुए ही सकीना का शव दफ़ना दिया गया इसलिए हम उसकी मौत के कारणो को नही बता सकते। हमने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवार को घर देने की संस्तुती कर दी है।

गौरतलब है कि झारखंड के सिमडेगा में 11 साल की संतोषी की राशन नहीं मिलने से भूख से मौत के बाद दूसरा मामला धनबाद के झरिया का है जहां राशन नहीं मिलने से रिक्शा चालाक बैद्यनाथ दास की भूख से मौत हो गई थी । 11 साल की बच्ची की मौत इसलिए हो गई कि परिवार का राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था और इसी वजह से उन्हें राशन नहीं दिया गया। UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि यह आधार न होने के चलते सुविधा न मिलने का मामला नहीं है, क्योंकि परिवार के पास 12 अंकों वाला विशिष्ट पहचान नंबर 2013 से ही था।

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