Tuesday , December 12 2017

दक्षिण एशिया सैटेलाइट जीएसएटी 9 की लांचिंग शुक्रवार को

श्रीहरिकोटा। दक्षिण एशियाई सैटेलाइट जीएसएटी 9 को इसरो द्वारा शुक्रवार को लॉन्च किया जाएगा। यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इस संचार उपग्रह जीसैट-9 को इसरो के रॉकेट भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी-एफ09) के जरिए छोड़ा जाएगा।

 

 

 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सूत्रों ने बताया कि ईंधन भरने का कार्य पूरा हो गया है और 28 घंटे की उलटी गिनती 12.57 बजे शुरू हुई। ये पहली बार है जब सरकार अपने पड़ोसी देशों के लिए 450 करोड़ रुपए के सैटेलाइट को लॉन्च करेगी।
5 मई को इसरो 2230 किलो के दक्षिण एशिया सैटेलाइट जीएसएटी 9 की लॉन्चिंग करेगा। इस सैटेलाइट से भारत के पड़ोसी देशों को एक-दूसरे के साथ कम्युनिकेशन फैसिलिटी मिलेगी। पाकिस्तान को छोड़कर सभी दक्षिण एशियाई देश इस परियोजना का हिस्सा हैं।

 

 

 

उपग्रह भारत, नेपाल, भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और अन्य राज्यों जैसे पड़ोसी देशों को विभिन्न टेलीमेट्री सेवाएं प्रदान करेगा। रॉकेट को एसआरएससी पर दूसरे लॉन्च पैड से शुक्रवार को 04.57 बजे शाम बंगाल की खाड़ी के श्रीहरिकोटा द्वीप से लॉन्च किया जाएगा।

उपग्रह का नाम बदल दिए जाने के बाद पाकिस्तान ने इस अंतरिक्ष मिशन बोर्ड पर आने से मना कर दिया था। उपग्रह का कार्यकाल 12 साल से अधिक का होगा। प्रक्षेपण वाहन जीएसएलवी-एफ 09 मार्क्स -2 संस्करण में क्रायोजेनिक ऊपरी चरण ले जाने और जीएसएलवी की 11 वीं उड़ान है। प्रक्षेपण के वक्त 2,195 द्रव्यमान का यह सैटेलाइट 12 केयू-बैंड ट्रांसपॉन्डर को ले जाएगा। लॉन्च वाहन जीएसएलवी-एफ 09 लगभग 50 मीटर लंबा है और स्वदेशी क्रायोजेनिक ऊपरी स्टेज (सीयूएस) के साथ चौथी लगातार उड़ान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में घोषणा की थी कि दक्षिण एशिया उपग्रह पड़ोसी देशों को भारत की ओर से ‘कीमती उपहार’ होगा। मोदी ने कहा था, पांच मई को भारत दक्षिण एशिया उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा।

 

 

 

इस परियोजना में भाग लेने वाले देशों की विकासात्मक जरुरतों को पूरा करने में इस उपग्रह के फायदे लंबा रास्ता तय करेंगे।इस उपग्रह को लॉन्च करने की पहली घोषणा प्रधान मंत्री द्वारा 2014 के दौरान की गई थी। सैटेलाइट सेंटर, बेंगलूरू में इसरो द्वारा निर्मित उपग्रह है।

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