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दरगाह हज़रत बल‌ पर शिनडे की हाज़िरी

मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शिनडे ने कश्मीर में दरगाह हज़रत बल पर हाज़िरी दी और इस मौके पर मुल्क में अमन, तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली के लिए दुआ की। बादअज़ां ख़ूबसूरत क़ुदरती मुनाज़िर से मुज़य्यन डल झील के किनारे वाक़्य इस दरगाह के बाहर अ

मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शिनडे ने कश्मीर में दरगाह हज़रत बल पर हाज़िरी दी और इस मौके पर मुल्क में अमन, तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली के लिए दुआ की। बादअज़ां ख़ूबसूरत क़ुदरती मुनाज़िर से मुज़य्यन डल झील के किनारे वाक़्य इस दरगाह के बाहर अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए मिस्टर शिनडे ने कहा कि मैंने मुल्क में अमन, तरक़्क़ी और‌ ख़ुशहाली केलिए दुआ की है।

मिस्टर शिनडे ने जो जम्मू और‌ कश्मीर का तीन रोज़ा दौरा कररहे हैं, कहा कि इस दरगाह पर हाज़िरी उन की एक देरीना ख़ाहिश थी जो बिलआख़िर आज पूरी होगई है। उन्हों ने कहा कि अगरचे 1980 से कश्मीर को मेरी आमद और‌ रफ़्त रही है, लेकिन मुल्क के वज़ीर-ए-दाख़िला की हैसियत से इस दरगाह पर हाज़िरी देना शायद मेरी क़िस्मत में लिखा था।

मिस्टर शिनडे ने डल झील के तहफ़्फ़ुज़ और सफ़ाई के प्रौजेक्ट पर ग़ौर और‌ ख़ौज़ किया। अलावा अज़ीं दरगाह के बाहर मौजूद लोगों से बातचीत की। उन्हों ने नैशनल कान्फ़्रैंस के बानी शेख़ अबदुल्लाह मरहूम के मज़ार पर हाज़िरी भी दी।

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