Tuesday , December 12 2017

दरियाओं को मरबूत करने का काम असल तर्जीह

हुकूमत आंध्र प्रदेश गोदवारी कृष्णा और पीना दरियाओं को मरबूत करने को तर्जीह देती है और वो जारीया आबपाशी प्रोजेक्टस की जल्द तकमील के लिए कोशां है।

हुकूमत आंध्र प्रदेश गोदवारी कृष्णा और पीना दरियाओं को मरबूत करने को तर्जीह देती है और वो जारीया आबपाशी प्रोजेक्टस की जल्द तकमील के लिए कोशां है।

चीफ़ मिनिस्टर आंध्र प्रदेश चंद्रबाबू नायडू ने ये बात कही। तेलुगु देशम पार्टी जनरल बॉडी मीटिंग से इख़तेतामी ख़िताब करते हुए
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आइन्दा साल तक गोदावरी के पानी को पोलावरम राईट केनाल से कृष्णा को सरबराह किया जा सकता है जिस के बाद इज़ाफ़ी पानी कृष्णा से रायलसीमा के ख़ुशकसाली से मुतास्सिरा मुक़ामात को सरबराह किया जा सकता है।

ये काम श्रीसैलम आबपाशी प्राजैक्ट के ज़रीया किया जा सकता है । चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि कृष्णा और पीना दरियाओं को मरबूत करने के इमकान का भी जायज़ा लेने की ज़रूरत है ताकि फ़ाज़िल पानी का बेहतर इस्तिमाल किया जा सके । उन्हों ने कहा कि रियासत में आबपाशी के जो प्रोजेक्टस जारी हैं उन्हें तरजीही बुनियादों पर मुकम्मिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पोलावरम हमा जहती आबपाशी प्रोजेक्ट को छोड़कर दुसरे तमाम स्कीमात पर अमल आवरी के लिए 20,000 करोड़ रुपये की ज़रूरत होगी।

पोलावरम प्रोजेक्ट को मर्कज़ी हुकूमत ने क़ौमी मौक़िफ़ देदिया है। उन्होंने कहा कि आबपाशी के टैंकस को भी असरी बनाया जाएगा। दरियाओं को मरबूत करने और दुसरे आबपाशी प्रोजेक्टस को बरवक़्त मुकम्मिल करने से आबपाशी सलाहीयतों में इज़ाफ़ा होगा और इस के नतीजे में ज़रई पैदावार में बेहतरी पैदा होसकती है और ज़राअत पर मबनी सनअतों को फ़रोग़ हासिल होसकता है।

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