दलित आन्दोलन के बाद मेरठ पुलिस की कार्रवाई से भागने को मजबूर हो रहे हैं दलित

दलित आन्दोलन के बाद मेरठ पुलिस की कार्रवाई से भागने को मजबूर हो रहे हैं दलित
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भारत बूंद के दौरान हुई हिंसा के बाद से उत्तर प्रदेश में लगातार दलित उत्पीड़न के आरोप लग रहे हैं। मेरठ के शोभापुर में हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई से दलित पलायन करने को मजबूर हैं।

पुलिस के इस एक्शन के बाद से ही डर और गिरफ्तारी की दहशत से दलित समुदाय के लोग यहां से घर छोड़कर जाने लगे हैं। गांव में डर का आलम है ये है कि जो बाहर काम से गए थे वो गांव में वापस नहीं आ रहे। हालांकि पुलिस ने पलायन की बात से साफतौर पर इंकार किया है।

पुलिस का कहना है कि हिंसा के बाद जिन लोगों का नाम सामने आ रहा है। उनपर कार्रवाई होना लाज़मी है ऐसे में उनमे कार्रवाई का डर होना स्वाभाविक है।

दरअसल, 2 अप्रैल को पूरे देश में एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव के खिलाफ हिंसा की जो आग भड़की, उसका सबसे ज्यादा असर मेरठ में देखने को मिला।

हिंसा के दौरान शोभापुर गांव में भी जमकर तोड़फोड़ और आगजनी हुई। हिंसा की आग ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि एक दिन बाद गांव में ही एक दलित युवक की दूसरे समुदाय के लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

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