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दलित नेता जिग्नेश मेवानी मिले राहुल गांधी से, कहा पार्टी अपनी मांगों में 90% शामिल करने को तैयार

नवसारी: गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने शुक्रवार को यहां कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और दावा किया कि विपक्षी पार्टी ने आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में उनकी ‘90 फीसदी से अधिक मांगों को’ शामिल करने का आश्वासन दिया. उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान राहुल ने हमारी मांगों को सही करार देते हुए कहा है कि हमारी मांगें सिर्फ मांगें नहीं बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार हैं, और हमारी मांगों को मेनिफेस्टो में शामिल किया जाएगा। जिग्नेश ने दूसरी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और दूसरी पार्टियों की सोच में अंतर है दूसरी पार्टियां तो बात तक नहीं सुनती हैं।साथ ही जिग्नेश ने कहा कि अगर कांग्रेस उनकी मांगें मान लेती है, तो वे बाहर से समर्थन देने को तैयार हो सकते हैं।

वहीं बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा, ‘हम सबको सुनते हैं – चाहे वह जिग्नेश हो या हार्दिक (पाटीदार आंदोलन के नेता) या अल्पेश (ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर) और उनकी समस्याओं को सुनने के बाद काम करते हैं.’ उन्होंने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरी तरफ भाजपा की दिलचस्पी लोगों को अपनी ‘मन की बात’ सुनाने में है.

राहुल और मेवानी के बीच बैठक नवसारी के बाहरी इलाके में एक फार्महाउस में तकरीबन आधे घंटे तक चली. मेवानी पिछले साल उना में दलितों की पिटाई की घटना के बाद उनके अधिकारों के लिये संघर्ष करके चर्चा में आए थे. उन्होंने गुजरात की भाजपा सरकार को ‘दलित विरोधी’ करार दिया. बैठक के बाद मेवानी ने संवाददाताओं से कहा, ‘उना की घटना के बाद से हमने कई आंदोलन चलाए और ज्ञापन सौंपे. इसके बावजूद इस मोटी चमड़ी वाली भाजपा सरकार, जो न सिर्फ दलित विरोधी बल्कि जनविरोधी भी है, उसने हमारे समुदाय की एक भी मांग पर विचार नहीं किया है. उन्होंने हमसे (हमारी मांगों के बारे में) चर्चा की जहमत भी नहीं उठाई.’

उन्होंने कहा, ‘राज्य के लोग भाजपा के इस अहंकार को खत्म कर देंगे.’ मेवानी ने कहा कि दूसरी तरफ कांग्रेस दलित समुदाय की मांगों को सुनने को तैयार है. उन्होंने कहा, ‘हमारी (मेवानी और अन्य दलित नेताओं की) अपनी 17 मांगों पर राहुलजी के साथ विस्तृत चर्चा हुई. राहुलजी ने न सिर्फ हमें सुना, बल्कि कहा कि हमारी 90 फीसदी से अधिक मांगें हमारा संवैधानिक अधिकार हैं. उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि हमारी ज्यादातर वैध मांगों को (गुजरात चुनाव के लिये) कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा.’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने समुदाय के सदस्यों को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिये मतदान करने को कहेंगे तो मेवानी ने कहा, ‘मैं अपने समुदाय को भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करने को कहूंगा.’ मेवानी ने अपने समुदाय की 17 मांगों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष से चर्चा की. राहुल चुनाव प्रचार के लिये दक्षिण गुजरात के दौरे पर हैं. मेवानी की मांगों में दलितों को पांच एकड़ कृषि भूमि का आवंटन, पशुओं की खाल उतारने और मैला ढोने में शामिल लोगों के लिये वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करना और सुरेंद्रगढ़ जिले के थानगढ़ में 2012 में समुदाय के सदस्यों पर गोलीबारी की घटना की जांच रिपोर्ट जारी करना शामिल है.

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