Monday , December 18 2017

दहशतगरदों को मालिया की फ़राहमी और तिजारत के फ़रोग़ पर हिंद-अमरीका तबादला-ए-ख़्याल

नई दिल्ली

नई दिल्ली

दहशतगरदों को मालिया की फ़राहमी की जांच करने के लिए हिन्दुस्तान और अमरीका ने आज इन तरीक़ों पर तबादला-ए-ख़्याल किया जिन के ज़रीया रक़म की गै़रक़ानूनी मुंतक़ली और रक़म की नाजायज़ आमद दोनों ममालिक में मआशी रवाबित में इज़ाफे में रुकावट बन रही है।

हिन्दुस्तान का दौरा करने वाले वज़ीर-ए-ख़ज़ाना अमरीका जैकब्स लो और मर्कज़ी वज़ीर फाइनेंस‌ अरूण जेटली ने कई मसाइल पर बिशमोल महसूल अंदाज़ी और तवील मुद्दती सरमायाकारी पर दबाव के बारे में तबादला-ए-ख़्याल किया। ये हिंद-अमरीका मआशी-ओ-माली शराकतदारी का पांचवां इजलास था जो आज मुनाक़िद किया गया।

आलमी सतह पर रक़म की गै़रक़ानूनी मुंतक़ली पर क़ाबू पाने दोनों ममालिक के दरमियान तआवुन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया। अरूण जेटली ने कहा कि हिंदन्दुतान के ग़ैर मुल्की एकाऊंटस पर टैक्स की तामील का क़ानून जिस के नतीजे में दोनों ममालिक के दरमियान मालूमात का तबादला ख़ुदकार होजाता है।

इस इजलास का मौज़ू गुफ़्तगु था। नरेंद्र मोदी हुकूमत के इस्लाही इक़्दामात की सताइश करते हुए वज़ीर-ए-ख़ज़ाना अमरीका ने कहा कि हमारे मुफ़ादात और मआशी ताल्लुक़ात के फ़रोग़ और तिजारत में इज़ाफ़ा पर भी इजलास में ग़ौर किया गया। हिन्दुस्तान और अमरीका मुतद्दिद अहम शोबों जैसे मईशत , तनाज़त की यकसूई , गै़रक़ानूनी मालिया और सरमाया कारी पर क़ाबू पाने के लिए बाहम अपने तआवुन में इज़ाफ़ा कररहे हैं। गुज़िश्ता चंद साल से दोनों ममालिक ने नुमायां तरक़्क़ी की है।

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