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दहशतगर्दी को मज़हब से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए :नक़वी

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नई दिल्ली : पार्लियामानि उमूर और अकलियती मामलात के मरकज़ी वज़ीर मुख्तार अब्बास नक़वी ने इतवार के रोज़ कहा कि, दहशतगर्दी, दुनिया के अमन के लिए सबसे बड़ा खतरा है, इसको किसी मज़हब से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए|

‘शैतानी सल्तनत क़ायम करने के लिए इंसानियत का क़त्ल’ उन्वान से लिखे गये एक ब्लॉग में उन्होंने कहा “दुनिया भर में दहशतगर्दी के बढ़ते हुए मामलात भारत के इस नुक़ते नज़र को मज़बूत कर रहे हैं कि दहशतगर्दी किसी एक मुल्क या ख़ित्ते का मसला नहीं है बल्कि दहशतगर्दी का खतरा दुनिया भर में फ़ैल गया है जो दुनिया के अमन, इस्तेह्काम और मईशत के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है”|

नक़वी ने जोर देते हुए कहा कि, दहशतगर्दी को “सियासी मक़सद के लिये मज़हब की नज़र” से नही देखते हुए दुनिया को दहशतगर्दी और इंतेहापसंदी के ख़िलाफ़ मुत्तहिद हो जाना चाहिए |

“जो लोग इस तरह के ज़ुल्म में मुलव्विस हैं उनका इस्लाम और इंसानियत के साथ कोई ताल्लुक़ नहीं है | जब तक हम दहशतगर्दी को मज़हब से जोड़कर देखते रहेंगे हम दहशतगर्द अनासिर के जाल में फंसे रहेंगे”|

उन्होंने कहा कि, हमें आलमी सतह पर दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ जंग करनी होगी|

“दहशतगर्दी और इंतेहापसंदी के ख़िलाफ़ तमाम मुमालिक ,मुस्लिम दुनिया, मजहबी रहनुमा , दानिश्वरों की तरफ़ से मुत्तहिद कोशिशों की ज़रूरत है” |

उन्होंने मज़हबी रहनुमाओं, हुकुमती इदारों और मीडिया से अपील की कि वो सब दहशतगर्दी के खात्मे के लिए मुआशरे के बीच बातचीत और राब्ता क़ायम करें |

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