Tuesday , May 22 2018

दहशतगर्दों से मिले हैं एमएलए गामी !

बिहार में सियासी उठापटक के दरमियान दरभंगा के हायाघाट से भाजपा के नामी एमएलए अमरनाथ गामी पर संगीन इल्जाम के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस हेड क्वार्टर और हुकूमत ने एक गुमनाम खत के जांच के हुक्म दिए हैं। पांच पन्नों वाले उस खत में एमए

बिहार में सियासी उठापटक के दरमियान दरभंगा के हायाघाट से भाजपा के नामी एमएलए अमरनाथ गामी पर संगीन इल्जाम के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस हेड क्वार्टर और हुकूमत ने एक गुमनाम खत के जांच के हुक्म दिए हैं। पांच पन्नों वाले उस खत में एमएलए गामी पर इल्ज़ाम की झड़ी लगी है। इसके मुताबिक उनकी और उनके एक भाई की माओवादियों से साठगांठ हैं। खत में इस बात का भी जिक्र है कि 2012 में बोधगया में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में उनके हाथ रहे हैं। डीजीपी ने उन इल्ज़ामात की जांच के हुक्म दिए, जिसकी तहकीकात और पूछताछ के लिए इतवार को पुलिस एमएलए के घर पहुंची।
एमएलए को वह खत पढ़कर सुनाया गया, जिसमें पूरे 18 नुक्तों का जिक्र है। उसके मुताबिक, एमएल पर यह भी इल्ज़ाम है कि बिहार में चापाकलों में जहर डालने के पीछे भी उनका ही हाथ है। एमएलए गामी ने पुलिस को इन इल्ज़ामात के बारे में अपनी तरफ से सफाई देने के बाद मीडिया को खुद इसकी जानकारी दी है। कहा, अब मांझी जी के राज में हम लोगों को यह दिन भी देखने को मिल रहे हैं। एमएलए ने कहा कि लंबे सियासी कॅरियर में हमारे ऊपर मारपीट तक का कोई केस दर्ज नहीं है। जबकि, पुलिस हम पर माओवादी और दहशतगर्द जैसे क्या-क्या इल्ज़ाम लगा रही है। एमएलए ने कहा कि जो खत हमें दिखाया गया वह डीजीपी ने जांच के लिए भेजा था। वह खत डीजीपी के यहां से 31.10.2014 को मिला है। जबकि, अवामी शिकायत सेल से प्रिन्सिपल सेक्रेटरी के दस्तखत से 19 जनवरी, 2015 को भेजा गया है। गामी ने कहा कि कोई गुमनाम सख्श एक एमएलए पर ऐसे संगीन इल्जाम लगाता है और डीजीपी व प्रिन्सिपल सेक्रेटरी जैसे आला अफसर आंख मूंदकर उस पर जांच के हुक्म दे देते हैं। यह ब्यूरोक्रेट्स की मनमानी और लापरवाही का मिसाल है। हम हुकूमत से इसकी जांच और मुजरिमों पर कार्रवाई की मांग करते हैं।
इधर, मामला गरमाने के बाद पुलिस के तमाम बड़े अफसर यहां तक कि शहर थाना सदर अजीत कुमार राय भी जिन्होंने एमएलए के घर तहकीकात के लिए एक अफसर को भेजा था वे भी मुकर गए। थाना सदर ने यहां तक कह दिया कि एमएलए जी झूठ बोल रहे हैं। जबकि, उनके थाने के एएसआइ शंभू राय ने कहा कि हां, मैं एमएलए जी के घर वह खत लेकर गया हुआ था। खत में उन पर जो इल्जाम लगे हैं उसके बारे में एमएलए जी से पूछताछ की गई। इधर, सिटी एसपी हिमांशु शंकर त्रिवेदी से पूछे जाने पर उन्होंने भी इंकार कर दिया। बोले, शहर थाना सदर अजीत राय ने मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। अगर ऐसा है भी तो मुझसे इजाजत लिए बगैर वह किसी अफसर को एमएलए के घर कैसे भेज सकते हैं। इसकी छानबीन की जाएगी।

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