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दहशतगर्द भटकल को छुड़ाने के लिए तिहाड़ पर हमले की साजिश?

दहशतगर्द तंज़ीम इंडियन मुजाहिदीन के बानी (फाउंडर) यासीन भटकल (32) को तिहाड़ जेल से छुड़ाने या उस पर हमला करने जैसी कोशिशें की जा सकती हैं। इस तरह का इनपुट मिलने के बाद भटकल की जेल को बदल दिया गया है। जेल के ओहदेदारों का कहना है कि सेक्यु

दहशतगर्द तंज़ीम इंडियन मुजाहिदीन के बानी (फाउंडर) यासीन भटकल (32) को तिहाड़ जेल से छुड़ाने या उस पर हमला करने जैसी कोशिशें की जा सकती हैं। इस तरह का इनपुट मिलने के बाद भटकल की जेल को बदल दिया गया है। जेल के ओहदेदारों का कहना है कि सेक्युरिटी के मद्देनज़र ऐसा किया गया है।

ज़राये से मालूम हुआ है कि स्पेशल सेल के रिमांड पर लेने से पहले यासीन को तिहाड़ की जेल नंबर-3 में रखा गया था। इसी जेल में कभी पार्लियामेंट हमले का खाती अफजल गुरू बंद हुआ करता था। सेल का रिमांड खत्म होने पर जुमे के रोज़ जब यासीन को तिहाड़ जेल लाया गया तो उसे जेल नंबर-3 में न रखकर जेल नंबर-4 में रखा गया है। यहां उसे हाई रिस्क वॉर्ड के एक महफूज़ सेल में बंद किया गया है।

ज़राये ने बताया कि तिहाड़ में इस वक्त मुख्तलिफ मामलों के करीब 25 दहशतगर्द बंद हैं। इन सभी को अलग-अलग जेलों में रखा गया है। पिछले दिनों जब भटकल को जेल नंबर-3 में रखा गया था, तब वहां ऐसे हालात बनने शुरू हो गए थे जिससे लगता था कि उसकी सेक्युरिटी को खतरा हो सकता है या फिर कुछ लोग उसे यहां से फरार करा सकते हैं। ऐसे में तिहाड़ के सीनियर अफसरों ने मीटिंग करके उसकी जेल को बदलने का फैसला लिया।

भटकल पर किसी भी तरह के हमले या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को देखते हुए उसके आसपास तमिलनाडु स्पेशल पुलिस (टीएसपी) के जवानों को खास तौर पर लगाया गया है। जेल के बाहर सीआरपीएफ जवानों की एक टुकड़ी को भी तैनात किया गया है।

भटकल से न सिर्फ दिल्ली में बल्कि मुंबई, हैदराबाद,पुणे, बेंगलुरु, अहमदाबाद और जयपुर में हुई मुख्तलिफ दहशतगर्द वाकियात के मामले में अलग-अलग एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। उसे पिछले साल 28 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। वह 2005 में दुबई गया था। फिर मालूम हुआ था कि उसने 2006 में पाकिस्तान जाकर बम बनाने की तर्बियत हासिल की थी।

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