दहश्तगर्दों के महफ़ूज़ ठिकाने तबाह करने का सिलसिला जारी रखना चाहीए

दहश्तगर्दों के महफ़ूज़ ठिकाने तबाह करने का सिलसिला जारी रखना चाहीए
पाकिस्तान के शहर पिशावर के एक स्कूल में हुए दहश्त गर्दाना हमले और 141 हलाकतों के बाद अब ये ज़रूरी हो गया है कि पाकिस्तान मोअस्सर और सख़्त कार्रवाई करते हुए अपनी सरज़मीन पर मौजूद दहश्तगर्दों के महफ़ूज़ ठिकानों को तबाह करने का सिलसिला जा

पाकिस्तान के शहर पिशावर के एक स्कूल में हुए दहश्त गर्दाना हमले और 141 हलाकतों के बाद अब ये ज़रूरी हो गया है कि पाकिस्तान मोअस्सर और सख़्त कार्रवाई करते हुए अपनी सरज़मीन पर मौजूद दहश्तगर्दों के महफ़ूज़ ठिकानों को तबाह करने का सिलसिला जारी रखे।

ये बात अमरीकी क़ानून साज़ों ने उस वक़्त कही जब उन्हों ने राहदारी में इस वाक़िया की मुज़म्मत और महलोकीन से इज़हारे यगान्गत के लिए अलामती तौर पर एक दूसरे के हाथ थाम रखे थे।

उन्हों ने कहा कि पाकिस्तान के स्कूल पर हमला यक़ीनी तौर पर बीमार ज़हनियत की अलामत है। जिस से एक बार फिर ये ज़ाहिर हो गया कि पाकिस्तान तालिबान का बरबरीयत में कोई सानी नहीं क्यूंकि उन के शिद्दत पसंद नज़रियात ने मासूम और बेक़सूर बच्चों को भी नहीं बख्शा। कांग्रेस मैन ए ड्राइस ने ये बात कही।

पाकिस्तान में यूं तो दहश्त गर्दाना हमले होते ही रहते हैं लेकिन ये हमला इंतिहाई संगीन और निचले दर्जा का है जहां बच्चों को निशाना बनाते हुए तालिबान ने अपनी बुज़दिली का मुज़ाहरा किया है लिहाज़ा पाकिस्तान के लिए अब ये ज़रूरी हो गया है कि वो अपनी सरज़मीन से दहश्तगर्दों के महफ़ूज़ ठिकानों को तबाह करने का सिलसिला जारी रखे।

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