Tuesday , December 12 2017

दहेज मामले में 95 फीसद मुकदमें झूठे, बनना चाहिए पुरुष आयोग

रेवाड़ी. मुल्क़ में दर्ज होने वाले दहेज उत्पीडन के 95 फीसद मुकदमें झूठे और बेबुनियाद होते है जिसमें मर्दों को नाजायज परेशान किया जाता है। ये हम नही बल्कि वो शख्स कह रहा है जो दहेज उत्पीडन के झुठे मुकदमें में अपना करियर गंवा मान सम्मान खो चुका हैं। सात साल में तीन अलग अलग बार सलाखों के पीछे रह चुका है।

संतोष कुमार पेशे से प्रोफसर है और कर्नाटका के रहने वाले हैं। जिसने कर्नाटका से 20 फरवरी को दहेज के झुठे मुकदमों पर रोक लगे इस मकसद से अलख जागने के लिए पदयात्रा कि शुरूआत की और अब ये सफ़र रेवाडी पहुंचे है।
 
प्रोफसर संतोष कुमार का कहना है कि इस सफ़र का मकसद यही है कि दहेज उत्पीडन के झुठे मुकदमों पर रोक लगे क्योंकि दहेज उत्पीडन केस में महिला पुरूष पर झूठा केस दर्ज कराती है। जिसके बाद कई बार मर्द ख़ुदकुशी भी कर लेते हैं। प्रोफसर संतोष कुमार रेवाडी से चल दिल्ली पहुंचेगें जहां वो वजीरे आज़म और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप कर मांग करेगें कि मर्दों को दहेज उत्पीडन के झुठे मुकदमों से बचाया जाए

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