Thursday , December 14 2017

दाइश के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा ज़ेर-ए-ग़ौर

विज़ारत-ए-दाख़िला क़ौमी तहक़ीक़ाती एजेन्सी की इस तजवीज़ का जायज़ा ले रही है कि आई एस आई एस के ख़िलाफ़ केस दर्ज रजिस्टर किया जाये ताकि हिन्दुस्तान में इस के मुम्किना फैला का सद्द-ए-बाब होसके क्योंकि मुंबई के 4 नौजवान इस दहशतगर्द तंज़ीम मे

विज़ारत-ए-दाख़िला क़ौमी तहक़ीक़ाती एजेन्सी की इस तजवीज़ का जायज़ा ले रही है कि आई एस आई एस के ख़िलाफ़ केस दर्ज रजिस्टर किया जाये ताकि हिन्दुस्तान में इस के मुम्किना फैला का सद्द-ए-बाब होसके क्योंकि मुंबई के 4 नौजवान इस दहशतगर्द तंज़ीम में शामिल होगए हैं।

ज़राए ने कहा कि विज़ारत-ए-दाख़िला एन आई ए को आई एस आई एस के सरबराह अबूबकर अलबग़दादी का नाम उस खुले केस में शामिल करने की इजाज़त नहीं देगी क्योंकि इस से और कुछ नहीं बल्कि मसले को सनसनीखेज़ रंग मिलेगा जिस की वजह ये है कि तहक़ीक़ाती एजेन्सी इस दहशतगर्द ग्रुप के लीडर को गिरफ़्तार करने के मौक़िफ़ में नहीं हैं। अगर इजाज़त मिली तो ये केस क़ानून इंसिदाद गै़रक़ानूनी सरगर्मीयों के तहत दर्ज होगा।

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