Sunday , September 23 2018

दाढ़ी रखने की वजह से बर्खास्त सैनिक मकतुमहुसैन न्याय के लिए जायेंगे सुप्रीम कोर्ट

धार्मिक आधार पर दाढ़ी बढ़ाने को लेकर भारतीय सेना से हटाए गए मुस्ल‍िम सैनिक मकतुमहुसैन न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक देने की तैयारी में है। कर्नाटक के 34 वर्षीय मकतुमहुसैन को ‘अनडिजायरेबल सोल्जर’ बताते हुए सेना से हटा दिया गया था।

अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ की खबर के मुताबिक, मकतुमहुसैन के वकीलों ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी है। मामला 2001 का है। बताया जाता है कि मकतुमहुसैन ने अपने कमांडिंग अफसर (सीओ) से दाढ़ी बढ़ाने को लेकर स्वीकृति मांगी थी। उन्होंने इसके लिए ‘धार्मिक आधार’ पर बल दिया था। सीओ ने शुरुआत में उन्हें इसकी इजाजत भी दी थी, लेकिन बाद में उन्हें यह अहसास हुआ कि नियम के मुताबिक धर्म के आधार पर सिर्फ सिख सैनिकों को दाढ़ी बढ़ाने की इजाजत दी जा सकती है।

नियम के तहत सीओ ने बाद में मकतुमहुसैन को दी गई अनुमति वापस ले ली। जबकि सैनिक ने इसे ‘भेदभाव’ मानते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट में नियम के खि‍लाफ अपील की। बताया जाता है कि इसके बाद भी सैनिक ने दाढ़ी नहीं काटी, जिस पर उसका तबादला पुणे के कमांड अस्पताल कर दिया गया। वहां नए सीओ ने भी मकतुमहुसैन से दाढ़ी काटने को कहा। लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े रहे और उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। मामले में मकमुमहुसैन को एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया, जिसके बाद उन्हें अनुशासनहीनता के तहत 14 दिन के डिटेंशन पर भेज दिया गया।

TOPPOPULARRECENT