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दाढ़ी रखने पर छात्र को कॉलेज से निकाला, प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार

खरगोन: सेंधवा के अरिहन्त होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज से दाढ़ी रखने की वजह से निकाले गए मुस्लिम छात्र मोहमद असद खान ने कहा है कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वे अपनी जान दे सकते हैं। उन्होंने बताया है कि सभी दस्तावेजों के साथ बार-बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाकर अब वे तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके मामले की सही से सुनवाई नहीं कर रही है और प्रशासन भी कॉलेज का साथ दे रही है।

 

असद ने यह भी आरोप लगाया है कि उनका मामला सेंधवा कलेक्टर के यहां आने के बाद उन्हें लगातार दो महीनों से एस.डी.एम. कार्यालय का चक्कर लगवाया गया और मामले के समाधान के नाम पर प्रशासन की तरफ से सिर्फ टाल-मटोल किया जाता रहा। फिर उन्होंने तंग आकर बड़वानी कलेक्टर को 4 दिसंबर को एक और आवेदन सौपा और इंसाफ की गुहार लगाई पर यहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

गौरतलब है कि अगस्त महीने में मोहमद असद खान ने अपने प्रबंधक डॉ. एम. के. जैन पर कथित तौर पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने उन्हें सिर्फ इसलिए कॉलेज निकाल बाहर किया क्योंकि उन्होंने अपनी धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक दाढ़ी रख ली है। असद में इस मामले की शिकात शिकायत बड़वानी जिला कलेक्टर से की। लेकिन बड़वानी जिला कलेक्टर ने जांच के लिए इसे सेंधवा एस.डी.एम. को भेजा दिया।

असद का कहना है कि कॉलेज की तरफ से उन्हें कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को दाढ़ी रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने बताया कि कॉलेज की तरफ से उनसे कहा गया कि जब तक तुम दाढ़ी कटाकर नहीं आओगे तब तक कैंपस में तुम्हें अलाउ नहीं किया जाएगा। उसके बाद कहा गया कि चूंकि दाढ़ी की वजह से तुम परीक्षा फार्म नहीं भर पाओगें, इसलिए तुम हमारा कॉलेज छोड़ दो। असद का कहना है कि वो कुध की सुविधा के लिए दूसरे कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते है, इसके लिए उन्होंने कॉलेज प्रशासन को आदेन लिखकर एनओसी और टीसी की मांग की था, मगर उसमें उन्हें फेल कर दिया गया। इसके वजह से उन्हें दूसरे कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल सका।

दूसरी तरफ जब हमने कॉलेज के प्रबंधक डॉ. एम. के. जैन से संपर्क किया तो उन्होंने असद के इस के इन अरोपों से इनकार किया। उन्होंने बताया कि मोहम्मद असद खान ने कॉलेज को आवेदन दिया था कि उनको किसी दूसरे कॉलेज में एडमिशन लेना है, इसलिए उन्हें एनओसी और टीसी दिया जाए। उसके बाद कॉलेज की तरफ से उन्हें उनके दस्तावेज टीसी दे दिए गए। डॉ. जैन ने कहा कि असद खान ने जिस कॉलेज में दाखिला लेने के लिए आवेदन दिए थे उन्हें वहां एडमिशन नहीं मिला। उसके बाद 15 दिन बाद

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