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दादरी हत्याकांड में सुबूतों के साथ की गयी छेड़छाड़: राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल

लखनऊ: राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल (RUC) ने आज आरोप लगाया कि दादरी हत्या मामले में सबूत के तौर पर जो मांस के नमूने  जाँच के लिए भेजे गये थे और मथुरा लैब से प्राप्त रिपोर्ट्स के साथ “छेड़छाड़” की गयी है |
RUC के अध्यक्षमौलाना आमिर रशदी मदनी ने यहाँ संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि दादरी प्रयोगशाला में केवल दो किलोग्राम मांस भेजा गया था जबकि रिपोर्ट में में मांस की मात्रा चार से पांच किलोग्राम थी | जिसका मतलब है कि कहीं न कहीं कुछ छेड़छाड़ की गयी है |
दादरी लैब से दो प्लास्टिक के कंटेनर में मांस भेजा गया था लेकिन पुलिस स्टेशन से जब ये मथुरा लैब पहुंचा ये कंटेनर ग्लास जार में कैसे बदल गया? उन्होंने कहा मांस के नमूने ठीक से सीलबंद भी नहीं किये गये थे |
उन्होंने एसएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा साजिश का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले ये देखा जाना चाहिए कि  मांस जिस स्थल से बरामद हुआ वह अखलाक के घर से 150 से अधिक मीटर की दूरी पर था |

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उन्होंने अखलाक के परिवार के सदस्यों के ख़िलाफ़ दर्ज की गयी एफ़आईआर रद्द करने की मांग की |मदनी  ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी इस्तीफे की मांग की।

अदालत के आदेश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 15 जुलाई को मृतक अखलाक और उसके परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ कथित गोहत्या के लिए प्राथमिकी दर्ज करी थी ।

इससे पहले, बिसहाडा  गांव के निवासियों 5 जून को गौतम बुद्ध नगर के एसएसपी से मुलाकात कर अखलाक के परिवार के खिलाफ एफआईआर दाखिल करने के लिए दबाव दिया था | ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने मृतक के परिवार के खिलाफ गोहत्या की प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देते हुए इस मामले की जाँच का आदेश दिया था ।

मोहम्मद अखलाक (52) को पिछले साल 28 सितंबर को दादरी के बिसहाडा गांव में भीड़ ने गौहत्या करने और गौमांस घर में रखने की अफ़वाह पर पीट पीटकर हत्या कर दी थी |

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