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दालों, तर्कारीयों की क़ीमतों में इज़ाफे के ख़िलाफ़ पार्लियामेंट में एहतेजाज

नई दिल्ली 22 जुलाई: मुल्क में ज़रूरी अश्याय की क़ीमतों में बे-तहाशा इज़ाफे के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार टहराते हुए कांग्रेस एमपी प्रमोद तीवारी ने कहा कि जब हुक्मराँ पार्टी अवाम से रुजू हो कर वोट मांगेगी तो इस को ख़ानादार ख़वातीन की शदीद ब्रहमी का सामना करना पड़ेगा क्युं कि दालों और तर्कारीयों की क़ीमतें आसमान को छू रही हैं। राज्य सभा वक़फे सिफ़र के दौरान क़ीमतों में इज़ाफे के मसले को उठाते हुए प्रमोद तीवारी ने कहा कि बीजेपी ने कहा था कि अच्छे दिन लाए जाऐंगे अब ये अच्छे दिन कहाँ हैं अब अवाम कहने लगे हैं कि हुकूमत अच्छे दिन को नहीं लासकती अब उसे हमारे बुरे दिन भी वापिस करने होंगे।

जब मुल्क में सनअती पैदावार की शरह घटती जा रही है इफरात-ए-ज़र की शरह में इज़ाफ़ा हो रहा है जून में जो इफरात-ए-ज़र 5.77 फ़ीसद था अब इस में 28 माह के दौरान ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है। बरामदात में भी कमी आई है। हुकूमत के ताज़ा डाटा के मुताबिक़ रिटेल इफरात-ए-ज़र बढ़ रहा है इस की वजह से ज़रूरी अश्याय की क़ीमतें आसमान को छू रही हैं।

दालों और तर्कारीयों की क़ीमतें एक आम आदमी के क़ुव्वत ख़रीद से बाहर हैं। हुकूमत का बाज़ ख़ास लोगों से गठजोड़ है जो दालों और तर्कारीयों की क़ीमतों में इज़ाफ़ा करके ग़रीब अवाम को लौट रहे हैं। दालों की क़ीमत फ़ी किलोग्राम 205 ता 210 है जबकि तरकारियां भी इसी तेज़ी से ऊंची क़ीमतों में फ़रोख़त की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नर आरबीआई रघूराम राजन ने शरह सूद को कम करने पर-ज़ोर दिया था। उनसे ये सवाल किया जा सकता है कि आया उन्होंने क़ीमतों और इफरात-ए-ज़र में कमी के लिए किया काम किया है।

अव्वल उन्हें इफरात-ए-ज़र की शरह कम करनी चाहीए। कांग्रेस के एक और रुकन वपीलो ठाकुर ने अरकाने पार्लियामेंट को दिए जानेवाले फंड्स का उठाया।

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