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दिलसुखनगर धमाकों की तहक़ीक़ात ,सुराग़ हनूज़ अदम दस्तयाब

हैदराबाद 25 फ़रवरी : दिलसुखनगर जुड़वां बम धमाकों की तहक़ीक़ात मुख़्तलिफ़ ज़ावियों से जारी है । नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी और दीगर सेक्यूरिटी एजेंसीयां ठोस सबूत इकट्ठा करने में मसरूफ़ हैं। धमाकों के तीन दिन बाद भी सेक्यूरिटी एजेंस

हैदराबाद 25 फ़रवरी : दिलसुखनगर जुड़वां बम धमाकों की तहक़ीक़ात मुख़्तलिफ़ ज़ावियों से जारी है । नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी और दीगर सेक्यूरिटी एजेंसीयां ठोस सबूत इकट्ठा करने में मसरूफ़ हैं। धमाकों के तीन दिन बाद भी सेक्यूरिटी एजेंसीयां इस संगीन वारदात अंजाम देने वाली तंज़ीम को वाज़िह तौर पर मंज़रे आम पर नहीं लासके हैं जिस के नतीजे में आज कई मुस्लिम नौजवानों को धमाकों की तहक़ीक़ात के नाम पर तलब कर के कई घंटों तक पूछताछ की गई ।

साल 2007 में पेश आए मक्का मस्जिद बम धमाके केस में बाइज़्ज़त बरी होने और हुकूमत की तरफ से अच्छे किरदार का सर्टीफ़िकेट हासिल करनेवाले नौजवान मुहम्मद रईस उद्दीन को तहक़ीक़ाती एजेंसीयां ने पूछताछ की । मुहम्मद रईस उद्दीन जो हाशिम अबाद में मुक़ीम है आज सुबह पुलिस ओहदेदार उन के मकान पहुंच कर रईस को अपने साथ ले गए और रात देर गए उन्हें रहा किया गया इस के अलावा सपोटाबाग़ सईदआबाद के मुक़ीम अज़मत नामी नौजवान से भी पुलिस ने पूछताछ की और दिल्ली पुलिस की तरफ से गिरफ़्तार सयद मक़बूल से मुताल्लिक़ मालूमात हासिल की ।

बताया जाता है कि मक्का मस्जिद बम धमाके केस में माख़ूज़ नौजवान जो बाइज़्ज़त बरी होचुके हैं अरशद ,असलम ,डाक्टर जुनैद ,अबदुलकरीम से भी पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया। लेकिन इंटेलिजेंस एजेंसीयां सिर्फ़ मुस्लिम नौजवानों कोशक के दायरे में रखते हुए उन से पूछताछ कररही है जबके कोई भी हिनदु बुनियाद परस्त तंज़ीमों के कारकुनों को ना ही तलब किया गया है और ना उन से किसी भी किस्म की पूछताछ की जा रही है जबके आर एस एस और इस से जुड़ी हुई तंज़ीमें बिशमोल अभीनो भारत के अरकान मुल्क में बड़े पैमाने पर दहश्त गिरदाना हमलों में मुलवस रह चुके हैं।

मौजूदा तहक़ीक़ाती मौक़िफ़ से ये साफ़ ज़ाहिर होता है कि पुलिस सिर्फ़ मुसलमानों के इन धमाकों में मुलवस होने के तास्सुरात ज़ाहिर कररही है बताया जाता है कि तहक़ीक़ात के लिए एन आई ए के अलावा आंध्र प्रदेश पुलिस की कई टीमें काम कररही हैं और धमाके अंजाम देने वाले ख़ातियों का एक ख़ाका भी तैयार किया गया है । मुक़ाम वारदात से दस्तयाब सी सी टी वी फूटेज की मदद से चंद मुश्तबा अफ़राद मौजूद होने के सबूत दस्तयाब हुए हैं।

अब तक की तहक़ीक़ात में एन आई ए को ये पता लगा है कि बम धमाके करने के लिए ख़ातियों ने पुरानी सैक़लों का इस्तिमाल किया है और इस से ये शुबा किया जा रहा है कि धमाकों के पसेपर्दा अफ़राद शहर में कुछ अर्सासे से मुक़ीम थे और शहर से वाक़फ़ीयत हासिल करने के बाद ये कारस्तानी अंजाम दी ।

तहक़ीक़ाती एजेंसीयां मुक़ाम वारदात के क़रीब मौजूद तमाम मोबाईल फ़ोन टावर्स के ज़रीये फ़ोन नंबरात हासिल कररही है ।पुलिस दिलसुखनगर के बाअज़ लाजस के रजिस्टर और सी सी टी वी रिकार्डिंग का तजज़िया कररही है ताके उन अफ़राद का पता लगाया जा सके जो धमाकों के फ़ौरी बाद होटल से तख़लिया होगए। इतना ही नहीं पुलिस बैंगलौर जेल में महरूस हैदराबादी नौजवान उअब्दुल रहमन और इस के साथीयों से भी पूछताछ करने की ख़ाहां हैं चूँकि उस नौजवान का ताल्लुक़ तिहाड़ जेल में महरूस सयद मक़बूल से बताया जाता है ।

बावसूक़ ज़राए ने बताया है कि तहक़ीक़ाती और सेक्यूरिटी एजेंसीयों के आला सतह कि मीटिंग मुनाक़िद होरहे हैं जिस में शहर में मज़ीद धमाकों को रोकने के लिए भी हिक्मत-ए-अमली तैयार की जा रही है ।

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