Friday , December 15 2017

दिल्ली के ख़िलाफ़ आज मुक़ाबला चेन्नई प्ले आफ़ में पहुँच‌ की ख़ाहिशमंद‌

चेन्नाई 14 मई : आई पी एल के चालू छटे एडीशन में टीमों के ग्रुप‌ में बा आसानी सरे फेहरिस्त मुक़ाम पर रहने वाले चेन्नई सुपर किंग्स आज‌ अपने मैदान पर खेले जाने वाले मुक़ाबले में दिल्ली डियर डेविल्स को मात‌ दे कर प्ले आफ़ में पहुँच‌ की ख़ाहिश‌ है।

दिल्ली डियर डेविल्स जो पहले ही पले आफ़ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। वे आज‌ एम ए चिदम़्बरम स्टेडियम में खेले जाने वाले मुक़ाबले में मेज़बान टीम के ख़िलाफ़ अपने वक़ार के लिए बेहतर मुज़ाहरे करने की कोशिश‌ होगी। 14 मुक़ाबलों में चेन्नई ने 4 नाकामियों और 10 जीत‌ के शानदार रेकॉर्ड के ज़रिया अमलन प्ले आफ़ मरहला में पहुँच‌ हासिल कर चुकी है,

दो मर्तबा इसके मुज़ाहिरों में मजबूती रहा, जैसा कि गुजिश्ता रात राजिस्थान रॉयलस के ख़िलाफ़ उसे 5 विकटों की हार‌ बर्दाश्त करनी पड़ी। 142 रंस‌ के निशाना के पीछा करने में राजिस्थान रॉयलस को शुरुआती 5 ओवर्स में 3 विकटों का नुक़्सान बर्दाश्त करना पड़ा था, लेकिन शेन वाटसन ने 34 गेंदों में 70 रंस‌ की इनिंगज़ खेलते हुए टीम को ड्रामाई अंदाज़ में कामयाबी से हमकनार किया।

ये हार‌ चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यक़ीनन गलतियों पर क़ाबू पाने के लिए अहम होगी, लेकिन वे आइन्दा मुक़ाबले में कामयाबी के लिए पुराज़म है। चंद नाकामियों के अलावा चेन्नई ने कोई ग़लती नहीं किया है, जैसा कि उसका बैटिंग शोबा(विभाग) जिस में ओपनर माईकल हसी, सुरेश राना और महेन्द्र सिंह धोनी बेहतर मुज़ाहरा कर रहे हैं।

बौलिंग शोबा(विभाग) में एल्बी मोर्कल, मोहित शर्मा, रवी चंद्रन अश्विन, करस मोरीस और ड्वेन ब्रावो सभी ने बेहतर मुज़ाहिरे किए हैं। गुजिश्ता मुक़ाबले में सुरेश राना और कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के नाकाम होने का टीम को नुक़्सान बर्दाश्त करना पड़ा था। बौलिंग शोबा(विभाग) में मज़कूरा नाम दिल्ली डियर डेविल्स के बैट्समेनों के लिए मुश्किलात पैदा कर सकते हैं।

13 मुक़ाबलों में 9 हार‌ बर्दाश्त की है। मौजूदा हालात में दिल्ली की टीम बगैर किसी दबाव‌ के मैदान सँभालेगी और उमीद की जा रही है कि खराब‌ फ़ार्म का मुज़ाहरा कर रहे इसके बैट्समेन शाइक़ीन को तफ़रीह का सामान मुहय्या-ए-करेंगे। कप्तान महेला जय‌ वरधने और वीरेंद्र सहवाग के अलावा बाएं हाथ के खिलाड़ी डेविड वार्नर ने चंद एक मुक़ाबले में बेहतर मुज़ाहरा किया है

मजमूई तौर पर उन बड़े नामों से मायूसी हुई है। उभरते हुए नौजवान बैट्समेन अनमकट चंद और बेन रोहरर ने भी मायूस किया है। जहां तक दिल्ली के बोलरों का सवाल है, ये बहैसियत एक इकाई बेहतर मुज़ाहरा करने में नाकाम रहे। मोरनी मोर्कल, इर्फ़ान पैठान, ऊमेश यादव और शहबाज़ नदीम के मुज़ाहिरे इन्फ़िरादी तौर पर कभी बेहतर रहे

बहैसियत इकाई टीम की कामयाबी में ये अपना रोल अदा करने में नाकाम रहीं। क्रिकेट शाइक़ीन को यहां के मौसम से मायूसी हो सकती है, कि उनका यहां के बेशतर इलाक़े की तूफ़ान से मुतास्सिर होने की पेश क़यासी की गई है।

TOPPOPULARRECENT