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दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली विलेज विकास बोर्ड की स्थापना को दी मंजूरी, शहरीकृत एवं ग्रामीण गांवों में सुविधाएं कराएगा मुहैया

नई दिल्लीः दिल्ली कैबिनेट ने आज मुख्यमंत्री  अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अहम फैसला लेते हुए दिल्ली विलेज विकास बोर्ड की स्थापना को मंजूरी दे दी। दिल्ली विलेज विकास बोर्ड की स्थापना दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड के स्थान पर की गई है। दिल्ली विलेज विकास बोर्ड के लिए वर्ष 2017-18 के लिए 600 करोड़ रुपए की धनराशि निर्धारित की गई है, जबकि पिछले वर्ष यह धनराशि 132 करोड़ रुपए थी।

दिल्ली विलेज विकास बोर्ड,  दिल्ली के शहरीकृत और ग्रामीण दोनों ही प्रकार के गांवों में विकास कार्यों की देखभाल करेगा। यह बोर्ड गांवों में संपर्क सड़कों के निर्माण, गांवों में लिंक रोड का निर्माण, तालाबों और जल निकायों का विकास, श्मशान के स्थलों का विकास, उद्यानों और खेल के मैदानों का निर्माण, पुस्तकालयों और व्यायामशालाओं की स्थापना, चैपाल, बारात घर और सामुदायिक केंद्रों का विकास, पीने के पानी और स्ट्रीट लाईट के कार्यों की देख-भाल जैसे कार्य करेगा।

दिल्ली सरकार के विकास मंत्री, विलेज विकास बोर्ड के पदेन अध्यक्ष होंगे और उनके अधीन सरकार द्वारा नामित दो विधायक उपाध्यक्ष बनाए जाएंगे। दिल्ली के सभी मंत्रीगण, सभी सांसद, सभी विधायक, एमसीडी के सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष, दिल्ली के मुख्य सचिव और कई अन्य अधिकारी बोर्ड के सदस्य होंगे।

इसके अतिरिक्त, दिल्ली विलेज विकास बोर्ड गांवों के आधारभूत सर्वेक्षण के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुविधाओं की आवश्यकता का मूल्यांकन करने और विकास कार्यों के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता प्रदान करने के लिए ग्राम विकास समितियों (वीडीसी) का गठन करेगा। ग्राम विकास समितियों में प्रत्येक में 21 सदस्य होंगे, जिनका मनोनयन क्षेत्र के विधायक करेंगे। ये सभी सदस्य स्वैच्छिक आधार पर पूरी तरह से कार्य करेंगे।

विलेज डेवलपमेंट कमेटी (वीडीसी) और विधायकों के बीच वेहतर समन्वय के लिए 16 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इस समन्वय समिति के अध्यक्ष और एक सह-अध्यक्ष बनाए जाएंगे, जो दिल्ली विलेज विकास बोर्ड के दो स्वतंत्र सदस्य होंगे। इस समन्वय समिति के सदस्य किसी भी पारिश्रमिक के लिए हकदार नहीं होंगे।

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