Friday , December 15 2017

दिल्ली गैंगरेप: तीन साल बाद होगी दरिंदों को फांसी!

वसंत विहार गैंगरेप मामले में भले ही निचली अदालत ने मुल्ज़िमो को फांसी की सजा सुना दी है और सब कुछ मुतास्सिरा के हक में रहा, तब भी मुल्ज़िमों को फांसी देने में कम-से-कम तीन साल तो लग ही जाएंगे कानून के माहिरीन के मुताबिक आगे भी मुल्ज़िमो

वसंत विहार गैंगरेप मामले में भले ही निचली अदालत ने मुल्ज़िमो को फांसी की सजा सुना दी है और सब कुछ मुतास्सिरा के हक में रहा, तब भी मुल्ज़िमों को फांसी देने में कम-से-कम तीन साल तो लग ही जाएंगे कानून के माहिरीन के मुताबिक आगे भी मुल्ज़िमों को फांसी की सजा बरकरार रहने की उम्मीद है |

मुजरिमाना मुआमलात के वकील डीबी गोस्वामी कहते हैं कि निचली अदालत के फैसले पर हाइकोर्ट की मुहर लगनी है इसमें 60 दिन लगेंगे इसके इलावा सुप्रीम कोर्ट में खुसुसी इज़ाज़त की दरखास्त दायर करने के लिए 90 दिन का वक्त मिलेगा सुप्रीम कोर्ट में फांसी की मुहर लगने पर रिव्यू पिटीशन और फिर क्यूरेटिव पिटीशन दायर होगी और इसको पूरा होने में कम से कम डेढ़ साल लगेंगे |

फिर मामला रहम की दरखास्त के लिए सदर के पास जाएगा, वज़ारत ए दाखिला रिपोर्ट तैयार करेगा और फिर सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी सभी जगहों से फांसी पर मुहर लगने के बाद भी फांसी देने में कई अमल पूरी करनी पड़ती हैं यनी कुल मिलाकर कम से कम तीन साल तो लगेंगे |

कसाब के मामले में जहां चार साल लगे थे, वहीं कोलकाता के रेप व कत्ल मामले में धनंजय चटर्जी को फांसी देने में 14 साल लग गए थे

साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के सदर राजपाल कसाना कहते हैं कि फांसी पर लटकाने में कितना वक्त लगेगा, यह कहा नहीं जा सकता है | यह अदालती अमल पर इंहेसार करेगा, क्योंकि अपील के लिए अभी कई सतह बचे हुए हैं यह मामला हुकूमत के रवैये पर भी मुंहसिर है |

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