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दिल्ली – मुंबई रूटस पर तेज़ तरीन रफ़्तार ट्रेनें मुतआरिफ़ की जाएंगी

नई दिल्ली, २६ जनवरी (पी टी आई) महिकमा रेलवेज़ एक अर्सा से इंतिहाई तेज़ रफ़्तार ट्रेन मुतआरिफ़ करने कोशां है जहां दिनों का सफ़र घंटों और घंटों के सफ़र को मिनटों में तब्दील किया जा सके।

नई दिल्ली, २६ जनवरी (पी टी आई) महिकमा रेलवेज़ एक अर्सा से इंतिहाई तेज़ रफ़्तार ट्रेन मुतआरिफ़ करने कोशां है जहां दिनों का सफ़र घंटों और घंटों के सफ़र को मिनटों में तब्दील किया जा सके।

लिहाज़ा अब मुंबई – दिल्ली रूट पर सफ़र के तवालत को कम-ओ-बेश निस्फ़ करने के मक़सद से महिकमा रेलवेज़ ने जापान से मुफ़ाहमत कर ली है जिस के तहत जापान के इश्तिराक से बर्क़ी इंजन वाली नई ट्रेनों को दिल्ली । मुंबई रूट पर चलाया जाएगा ।

इस सिलसिला में जापान ने रेलवेज़ इंफ्रास्ट्रक्चर का मुआइना किया है ताकि इस बात को यक़ीनी बनाया जा सके कि मुंबई । दिल्ली रूट पर ट्रेनों को 160 से 200 किलो मीटर फ़ी घंटा की रफ़्तार से चलाया जा सके । जापान अपने मुआइना की रिपोर्ट आइन्दा माह पेश करेगा । मुजव्वज़ा प्रोजेक्ट को गोल्डन रेल कार्य डरो से मौसूम किया गया है ।

वज़ारत रेलवे के एक सीनियर ओहदेदार ने ये बात बताई। यहां इस बात का तज़किरा दिलचस्पी से ख़ाली ना होगा कि फ़िलहाल मुंबई से चलने वाली राजधानी ट्रेनों की रफ़्तार औसतन 100 किलो मीटर फ़ी घंटा होती है और ये अपनी मंज़िल-ए-मक़्सूद पर 15 घंटों में पहुंचती है। मज़कूरा ओहदेदार ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि मुजव्वज़ा तेज़ रफ़्तार ट्रेन मुतआरिफ़ करने का अहम मक़सद सफ़र की तवालत को निस्फ़ कर देता है।

ख़ुसूसी तौर पर मुंबई-दिल्ली रूट पर और हमें इस के लिए सब से ज़्यादा ज़रूरत इस बात की है कि मौजूदा पटरियों पर नई ट्रेनों को तेज़ रफ़्तारी से चलाने के लिए किया इक़दामात करने होंगे , उन पर ग़ौर-ओ-ख़ौज़ होगा । उन्हों ने कहा कि ट्रेन सीट्स जैसे EMU ट्रेनें जो ख़ुद कार बर्क़ी इंजनों से चलाई जाती हैं जिन में 10 ता 12 असरी नवीत की कूचें लगाई जाती हैं।

चूँकि हमारे मौजूदा बर्क़ी इंजन 200 केलो मीटर फ़ी घंटा की रफ़्तार से नहीं दौड़ सकते लिहाज़ा हमें गोल्डन रेल कॉरीडोर में ट्रेन सीट्स को तरजीह देना होगा जिस के लिए ज़रूरी होगा कि हम मौजूदा रेलवे पटरियों , पुलों को मज़ीद मज़बूत करते हुए सिगनल सिस्टम को भी असरी बनाएं की उनका ये सब तब्दीलियां करने के बाद ही 200 किलो मीटर फ़ी घंटा की रफ़्तार के अमल को जारी रखा जा सकता है।

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