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दिल्ली में हिज़बुल मुजाहिदीन का मुश्तबा रुकन गिरफ़्तार इमकानी फ़िदाईन हमला टालने पुलिस का इद्दिआ

नई दिल्ली, 23 मार्च: (पी टी आई ) दिल्ली पुलिस ने आज इद्दिआ किया कि इस ने दार‍ उल‍ हुकूमत में होली के मौके पर एक इमकानी फ़िदाईन हमला को टाल दिया है और इस सिलसिला हिज़्ब उल-मुजाहिदीन के एक मुश्तबा दहशतगर्द को उत्तर प्रदेश में गिरफ़्तार करत

नई दिल्ली, 23 मार्च: (पी टी आई ) दिल्ली पुलिस ने आज इद्दिआ किया कि इस ने दार‍ उल‍ हुकूमत में होली के मौके पर एक इमकानी फ़िदाईन हमला को टाल दिया है और इस सिलसिला हिज़्ब उल-मुजाहिदीन के एक मुश्तबा दहशतगर्द को उत्तर प्रदेश में गिरफ़्तार करते हुए धमाको माद्दे ग्रेनेडज़ और एक ए के 56 राइफ़ल एक गेस्ट हाउस से ज़ब्त कर ली है ।

स्पेशल कमिशनर पुलिस ( स्पेशल सेल ) मिस्टर एस एन सरीनवा सत्तू ने अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए कहा कि जम्मू-ओ-कश्मीर में ज़िला कुपवाड़ा के साकिन सैयद लियाकत शाह को गोरखपुर में दो दिन क़ब्ल गिरफ़्तार किया गया था ।

ये शख़्स करांची से नेपाल रवाना हुआ था और जैसे ही हिंदूस्तान में दाख़िल हुआ उसे गिरफ़्तार कर लिया गया । उन्होंने इद्दिआ किया कि लियाकत शाह की गिरफ़्तारी के नतीजा में दिल्ली में एक इमकानी फ़िदाईन हमले को टामलने में कामयाबी मिली है ।

उन्होंने कहा कि ये शख़्स 1997 में मक़बूज़ा कश्मीर में दाख़िल हुआ था जहां उसे तरबियत दी गई । वो कोई ख़ुद सपुर्द दहशतगर्द नहीं था । 2001 से 2013 के दरमियान बेनकाब होने वाला ये दिल्ली में 18 वां हिज़्बुल-मुजाहिदीन दहशतगर्द है ।

उन्होंने कहा कि लियाकत शाह से पूछताछ के नतीजा में एक गेस्ट हाउस पर धावा किया गया जो वसती दिल्ली के जामा मस्जिद इलाक़ा में है और यहां एक शख़्स इस का इंतेज़ार कर रहा था । हालाँकि उस शख़्स को गिरफ़्तार नहीं किया गया है ।

पुलिस ने इद्दिआ किया है कि उसको एक ए के 56 राइफ़ल तीन दस्ती बम और 220 ग्राम धमाको माद्दा और एक मेमोरी कार्ड ओ‍ ख़ुश्क मेवा जात दस्तयाब हुए हैं।

श्रीवास्तव ने इद्दिआ किया कि शाह ने पुलिस से कहा कि मुत्तहदा जिहाद कौंसल का जनवरी में इजलास हुआ था जिस में फैसला किया गया था कि 26 जनवरी को यौम स्याह मनाया जाये और दार-उल-हकूमत दिल्ली और मुल्क के दीगर हिस्सों में हमले किए जाएं।

उन्होंने इद्दिआ किया कि ख़ुद साख़्ता सीनियर कमांडर्स हिज़्बुल-मुजाहिदीन ग़ाज़ी नसरुद्दीन और फ़ारूक़ कुरैशी ने लियाकत शाह से कहा था कि उसे फ़िदाईन हमलों की निगरानी के लिए मुंतख़ब किया गया है और नए राकेट्स ये हमले अंजाम देंगे । कहा गया है कि शाह से कहा गया था कि वो इन हमलों के बाद कश्मीर वापस हो जाए और वहां नए नौजवानों की भर्ती की कोशिश करे। श्रीवास्तव ने बताया कि शाह ने उन से कहा कि सीनीयर कमांडर्स ने इससे कहा था कि वो गेस्ट हाउस में उस शख़्स से मिले ताकि उसे मज़ीद हिदायात मिल सकें।

कहा गया है कि शाह को एक पाकिस्तानी पासपोर्ट देते हुए नेपाल रवाना किया गया था और वहां उसे पासपोर्ट तलफ़ कर देने की हिदायत थी । ये हिदायत इसलिए दी गई थी ताकि इसमें पाकिस्तान के मुलव्वस रहने का कोई सुबूत ना मिल सके । ये शख़्स करांची से काठमांडू पहूंचने के बाद सनाओली सरहदी पोस्ट से हिंदूस्तान में दाख़िल हुआ था |

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