दिल्ली- मौत से पहले मुशरफ ने दोस्त को किया आखिरी कॉल, बोला- ‘भैया बच्चों का ख्याल रखना’

दिल्ली- मौत से पहले मुशरफ ने दोस्त को किया आखिरी कॉल, बोला- ‘भैया बच्चों का ख्याल रखना’

दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में जिस समय लोग चीख-चिल्ला कर मदद मांग रहे थे, उस समय अंदर फंसे मुशरफ अली नाम के शख्स ने अपनी मौत को सामने देख दोस्त को कॉल किया। आखिरी समय में उन दोनों के बीच जो बातचीत हुई उसे पढ़कर कोई भी अंदर तक सिहर जाए। बिल्डिंग के अंदर फंसे शख्स ने रोते हुए अपने बताया कि कई लोग उसके साथ फंसे हुए हैं और अब वो सांस भी नहीं ले पा रहे हैं।

मरने से पहले दोस्त से कहे ये आखिरी शब्द

मुशर्रफ अली के परिवार की देखभाल के लिए उसके अलावा और कोई नहीं था, मरते समय भी उसे यही चिंता लगी हुई थी। जब उसे एहसास हुआ कि वह अब नहीं बच पाएगा तो उसने बिहार में अपने पड़ोस के दोस्त को सुबह चार बजे फोन मिलाया। मुशर्रफ ने दोस्त से कहा कि वह अब बच नहीं पाएगा, उसके परिवार का ख्याल रखना। दोस्त ने फोन पर कहा किसी तरह निकलो वहां से, तो मुशर्रफ बोला यहां कोई रास्ता नहीं है।

इसके बाद आग की लपटों से घिरे और धुएं में फंसे शख्स ने लंबी-लंबी तेज सांसों के साथ भर्राए गले से अपने दोस्त मोनू को जिस तरह पूरी बातें बताईं, उससे बिल्डिंग के अंदर फंसे लोगों के मन का डर साफ झलक रहा था। उसने बताया कि कैसे दमकल की गाड़ियों को आने में देर हो रही है। कैसे छठी मंजिल पर लगी आग की लपटें उनलोगों तक पहुंचने लगी हैं। उसने बताया कि अब धुएं से उसका भी दम घुटने लगा है।

फोन में दूसरी ओर उसका दोस्त समझाता रहा कि चिंता मत करो, तुम्हें कुछ नहीं होगा… लेकिन उसे क्या पता था कि अगले ही पल उसके दोस्त का दम घुट जाएगा और भीषण आग उसके शरीर को इस कदर झुलसा देगी कि वह खुद ही अपने दोस्त के शव की पहचान नहीं कर पाएगा।

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