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दिल्ली: सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी विभिन्न खेलों की मुफ्त कोचिंग!

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विभिन्न खेलों की मुफ्त में अच्छी ट्रेनिंग/कोचिंग दिलाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने एक स्कीम को मंजूरी दी है। इसके तहत प्राइवेट स्पोट् र्स एकेडमीज, स्पोट् र्स क्लब्स और निजी स्पोट् र्स कोचेस को सरकारी स्कूलों के खेल के मैदान और अन्य खेल सुविधाओं के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। इस स्कीम के तहत ये लोग कुल जितने बच्चों को ट्रेनिंग देंगे उनमें से आधे सरकारी स्कूलों के होंगे जिन्हें मुफ्त ट्रेनिंग/कोचिंग देना होगा। बाकी अन्य बच्चों से ये अपने हिसाब से फीस ले सकेंगे।

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा व खेल मंत्री मनीष सिसोदिया ने आज दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस कांफ्रेस में इस स्कीम के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था जिसमें 50-60 स्कूलों के लिए प्रस्ताव आये थे। इनमें से 18 एकेडमीज ने 27 स्कूलों में बहुत अच्छा काम किया।

इन एकेडमीज ने वहां टेबल टेनिस, फुटबाल, ताइकांडो इत्यादि में बच्चों को अच्छी ट्रेनिंग दी। यहां से निकले बच्चे कॉलेज लेवल पर भी काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब हम इसे पूरी दिल्ली में लागू कर रहे हैं। प्राइवेट स्पोट् र्स एकेडमीज, स्पोट् र्स क्लब्स और निजी स्पोट् र्स कोचेस को सरकारी स्कूलों के खेल के मैदान और अन्य खेल सुविधाओं के उपयोग की अनुमति के लिए अगले एक महीने के भीतर आवेदन करना होगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी दिल्ली के स्कूलों में ये स्कीम लागू हो जाने से खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों को बहुत फायदा होगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा घनी आबादी वाले इलाकों में रहने वालों को होगा क्योंकि वहां खेल के मैदान बहुत कम हैं।

मनीष सिसोदिया ने बताया कि उनके पास अकसर स्पोट् र्स से जुड़े हुए लोग आते हैं और कहते हैं कि वो खेलों को बढ़ावा देने और बच्चों को ट्रेनिंग देने के लिए काफी कुछ करना चाहते हैं लेकिन जगह की कमी की वजह से नहीं कर पाते। इस स्कीम के आने के बाद ऐसे लोगों को भी मौका मिलेगा।

इस स्कीम के बारे में बताते हुए शिक्षा व खेल मंत्री ने कहा कि पहले इसमें केवल 15 खेलों को शामिल किया गया था अब इनकी संख्या बढ़ाकर 31 कर दी गई है। इसके अलावा निकट भविष्य में जरूरत के हिसाब से खेलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पहले कोचिंग के वक्त स्कूलों में पैरेंट्स को अनुमति नहीं थी लेकिन अब पैरेंट्स को विशेषकर माताओं को अनुमति दी जाएगी। उनको एक कार्ड दिया जाएगा और वो एक निश्चित स्थान पर बैंठ कर अपने बच्चों के खेल को देख सकेंगी।

उन्होंने ये भी बताया कि अगर कोई ऐसी कोचिंग है जो सिर्फ लड़कियों के लिए है तो संबंधित एकेडमी ये सुनिश्चित करेगी कि उसके लिए महिला कोच और महिला सिक्योरिटी गार्ड हों। पहले एकेडमीज के लिए स्कूलों में स्टोरेज की व्यवस्था नहीं थी, अब उनको स्टोरेज के लिए भी स्थान दिया जाएगा। इस स्कीम में योग जैसे पॉपुलर चीजों को भी शामिल किया गया है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग आएं। एकेडमीज स्कूल के समय औऱ स्कूल के बाद दोनों समय कोचिंग दे सकेंगी लेकिन इसके लिए स्कूल प्रमुख की अनुमति जरूरी होगी। इसके अलावा ये एकेडमीज हर तीसरे रजिस्ट्रेशन और प्रदर्शन संबंधी जानकारियां सरकार को उपलब्ध कराएंगी।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि इससे पूरी दिल्ली भर में खेलों को लेकर एक माहौल बनेगा और स्थानीय स्तर पर खेलों को बढ़ावा मिलेगा।

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