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दुआ तो जीने की करते हो, पर दवा मरने की देते हो: नितिश

नई दिल्ली, 15 जून: पिछले 17 साल की बीजेपी -जदयू की दोस्ती अब खत्‍म होने वाली है।बस इसका ऐलान इतवार को होना बाकी रह गया है। हालांकि बीजेपी मुसलसल पैगाम दे रही है कि वह इत्तेहाद बनाए रखना चाहती है।

नई दिल्ली, 15 जून: पिछले 17 साल की बीजेपी -जदयू की दोस्ती अब खत्‍म होने वाली है।बस इसका ऐलान इतवार को होना बाकी रह गया है। हालांकि बीजेपी मुसलसल पैगाम दे रही है कि वह इत्तेहाद बनाए रखना चाहती है।

इध्‍ार, बिहार के वज़ीर ए आला नितिश कुमार की बीजेपी से इत्तेहाद तोड़ने की जिद पर अड़ जाने से दिल्ली में दोनों पार्टियों के सीनीयर लीडरों की सुलह की तमाम कोशिशें नाकाम हो गई हैं।

हालांकि पार्टी सदर राजनाथ सिंह ने कहा कि रियासत के लोगों की जज़बातों को देखते हुए बीजेपी इत्तेहाद कायम रखने के हक में हैं।

नितिश सरकार में शामिल बीजेपी के वुजराओं ने दफ्तर का कामकाज पूरी तरह छोड़ दिया है। अब जदयू की हफ्ते इतवार को पटना में होने वाली बैठक पर बीजेपी की नजरें टिकी हैं।

नितिश के अलग राह पकड़ने के साफ इशारों के बावजूद बीजेपी नरेंद्र मोदी को लेकर आगे बढ़ती जा रही है।

दूसरी तरफ मोदी वाकिया से नाराज नीतीश ने जुमे कॆ दिन पटना में साफ कर दिया कि उनका बीजेपी से मायूसी हो गयी है। उन्होंने हालात को मुश्किल बताते हुए एक शेर भी सुना दिया।

उन्होंने कहा, ‘दुआ तो जीने की करते हो, पर दवा मरने की देते हो।’ साफ है कि नीतीश ने इशारो में मोदी को इत्तेहाद के मरने की दवा बता दिया।

बहरहाल, अब बीजेपी भी मान चुकी है कि जदयू से इत्तेहाद टूटने जा रहा है और उसने अकेले ही चलने का मन भी बना लिया है, लेकिन वह लगातार पैगाम भी दे रही है कि वह तो इत्तेहाद बनाए रखना चाहती है।

पार्टी सदर राजनाथ सिंह ने कहा कि रियासत के लोगों की जज़बातों को देखते हुए बीजेपी इत्तेहाद कायम रखने के हक में हैं। हालांकि बीजेपी की बिहार यूनिट अब नीतीश को आंखें दिखाने लगी है।

दूसरी तरफ एनडीए के कंविनर व जदयू के सदर शरद यादव पार्टी की दो दिन की बैठक में शामिल होने के लिए हफ्ते के दिन पटना रवाना होंगे।

उन्होंने इस बात को नकार दिया कि बीजेपी को वज़ीर ए आज़म के ओहदा की उम्मीदवारी तय करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी अल्टीमेटम नहीं दिया गया है।

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