Thursday , August 16 2018

दुनिया में सैलाब , तूफ़ान , ज़लज़ले और सूनामी , एक करोड़ 49 लाख अफ़राद (लोग) बेघर

सैलाबों,तूफ़ानों,ज़लज़लों और सूनामी के नतीजे में गुज़िश्ता साल एक करोड़ 49 लाख लोग बेघर हुए,जिन में से 89 फीसद का ताल्लुक़ एशिया से था, ये बात मंगल को दो नारवीजन इदारों के जारी कर्दा तख़मीनों (आकलन) में ज़ाहिर की गई है। नारवीजन रिफ्य

सैलाबों,तूफ़ानों,ज़लज़लों और सूनामी के नतीजे में गुज़िश्ता साल एक करोड़ 49 लाख लोग बेघर हुए,जिन में से 89 फीसद का ताल्लुक़ एशिया से था, ये बात मंगल को दो नारवीजन इदारों के जारी कर्दा तख़मीनों (आकलन) में ज़ाहिर की गई है। नारवीजन रिफ्यूजी कौंसिल (एन आर सी) की एलिज़ा बैथ रासमोसन ने बताया कि लोगों के बेघर होने की मिक़दार के हवाले से 10 बड़े क़ुदरती तबाहियां एशिया में रुनुमा हुईं जिन में चीन के मुतअद्दिद वाक़ियात और फ़िलपाइन, श्रीलंका और जापान में वक़ूअ पज़ीर होने वाले क़ुदरती आफ़ात शामिल हैं।

इन में से तबाहकुन चीन और थाईलैंड में तवील सैलाब की तबाहियां शामिल हैं, सिर्फ इन दो वाक़ियात में 50 लाख अफ़राद (लोगों) बेघर हो गए थे। ये तख़मीना (आकलन) रियो में पाएदार तरक़्क़ी के हवाले से अक़वाम-ए-मुत्तहिदा (यू एन ओ) की कान्फ़्रैंस के मौक़ा पर जारी किया गया है और इस में सिर्फ ऐसे लोगों का इज़ाफ़ा किया गया है जो मुल्क के अंदर ही नक़्ल-ए-मकानी (स्थान्तरित होने ) पर मजबूर होते हैं, ताहम (लेकिन) उन एक करोड़ 49 लाख अफ़राद (लोगों) में से ऐसे लोगों की कुल तादाद के बारे में सही आदाद-ओ-शुमार (आँकड़ा) मयस्सर नहीं जो अभी तक बेघर हैं, क्यूंकि रिपोर्ट मुरत्तिब (हाशिल) करने वालों का कहना है कि ये आदाद-ओ-शुमार (आँकड़ा) गैर वाज़िह (अस्पष्ट ) है।

स्वीटज़रलैंड में क़ायम इंटरनल डिसप्लेसमेंट मॉनीटरिंग सेंटर (ई डी एम सी) के इश्तिराक (मदद) से मुरत्तिब (हाशिल) की गई रिपोर्ट के मुताबिक़ शुमाल (उत्तर ) मशरिक़ी (पूर्व) जापान में 10 मार्च 2011 को शदीद ज़लज़ले और सूनामी के बाद चार लाख 92 हज़ार अफ़राद (लोगों) अपने घरों से फ़रार हो गए थे।

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