Monday , December 18 2017

दुमका में नक्सली हमले में पांच जवान समेत आठ मरे

झारखंड में लोकसभा इंतिख़ाब के आखरी मरहले में नक्सलियों ने दुमका में पोलिंग पार्टी की दो गाड़ियों को उड़ा दिया। पुलिस समेत आठ लोग मारे गये। झारखंड में इससे पहले लोकसभा इंतिख़ाब के दो मराहील पुरअमन खत्म हुए थे। नक्सल मुतासीर इलाकों

झारखंड में लोकसभा इंतिख़ाब के आखरी मरहले में नक्सलियों ने दुमका में पोलिंग पार्टी की दो गाड़ियों को उड़ा दिया। पुलिस समेत आठ लोग मारे गये। झारखंड में इससे पहले लोकसभा इंतिख़ाब के दो मराहील पुरअमन खत्म हुए थे। नक्सल मुतासीर इलाकों में भी बड़ी तादाद में लोग वोट करने निकले थे। पर आखरी मरहले में पुलिस की सेक्युर्टी निज़ाम ताक पर रह गयी। दुमका में नक्सलियों ने बेखौफ होकर वाकिया को अंजाम दिया और मगरीबी बंगाल की तरफ भाग गये।

झारखंड में लोकसभा इंतिख़ाब के आखरी मरहले में नक्सलियों ने दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना इलाक़े में असना से इंतिख़ाब करा कर लौट रही पोलिंग पार्टी की बस और टाटा मैजिक गाड़ी को सरसा व पलाशी के दरमियान लैंड माइन धमाके कर उड़ा दिया। वाकिया सरसाजूल वाकेय पुलिया के पास हुई। धमाके के बाद नक्सलियों ने चारों तरफ से फायरिंग शुरू कर दी। वाकिया में पांच पुलिस शहीद हो गये। दो वोटिंग मुलाज़िमीन और बस के खलासी की भी मौत हो गयी। नौ वोटिंग मुलाज़िम और पुलिस मुलाज़िमीन संगीन तौर से जख्मी हैं। तमाम को दुमका के अस्पताल में भरती कराया गया है। वाकिया जुमेरात शाम तकरीबन 4.30 बजे की है।

दो घंटे बाद पहुंची पुलिस भागी

बताया जाता है कि वाकिया के दो घंटे बाद तक जख्मियों की मदद के लिए पुलिस मुलाज़िमीन जाये हादसा पर नहीं पहुंचे। दो घंटे बाद कुछ जवान मौके पर पहुंचे। पर नक्सलियों की तरफ से की जा रही फायरिंग की इत्तिला के बाद घबरा कर वहां से भाग गये। जख्मी जवान और वोटिंग मुलाज़िमीन जाये हादसा में ही तड़पते रहे। करीब तीन घंटे बाद डीआइजी प्रिया दुबे की कियादत में जवान दोबारा जाये हादसा पर पहुंचे। इसके बाद जख्मी पुलिस मुलाज़िमीन और वोटिंग मुलाज़िमीन को दुमका अस्पताल पहुंचाया गया। लाशों को भी वहां से दुमका लाया गया।

सदर अस्पताल में हंगामा

इत्तिला के बाद सदर अस्पताल में बड़ी तादाद में लोग पहुंचे। गुस्साये लोगों ने अस्पताल में ही पुलिस और इंतेजामिया के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोग जख्मी वोटिंग मुलाज़िमीन और पुलिस को बेहतर सहूलत नहीं मिलने और काफी देर से अस्पताल पहुंचाये जाने को लेकर गुस्साये थे। जख्मी लोगों को देखने आये वजीरे आला हेमंत सोरेन को भी मुखालिफत का सामना करना पड़ा। बाद में गुस्साये भीड़ को देखते हुए पुलिस इंतेजामिया ने अस्पताल के में गेट को बंद कर दिया। इत्तिला मिलने के बाद बाबूलाल मरांडी और सुनील सोरेन भी अस्पताल पहुंचे।

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