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दूसरी मर्तबा ज़ख़मी होने वाले मुस्लिम नौजवान पर शुबा

हैदराबाद 23 फरवरी: दिलसुखनगर बम धमाका के ज़ख़मी और यशोधा हॉस्पिटल में ज़ेर-ए-इलाज 23 साला अबदुल वासिफ़ मिर्ज़ा पुलिस शक के दायरे में हैं,

हैदराबाद 23 फरवरी: दिलसुखनगर बम धमाका के ज़ख़मी और यशोधा हॉस्पिटल में ज़ेर-ए-इलाज 23 साला अबदुल वासिफ़ मिर्ज़ा पुलिस शक के दायरे में हैं,

जिन की दिलसुखनगर में मौजूदगी और बम धमाकों में दूसरी मर्तबा ज़ख़मी होने पर पूछताछ की जा रही है। वाज़िह रहे कि 2007 के मक्का मस्जिद बम धमाका में भी अबदुल वासिफ़ मिर्ज़ा ज़ख़मी हुए थे और कल भी वो दिलसुखनगर बम धमाके में ज़ख़मी हुए। ज़राए ने बताया कि पूछताछ के दौरान ज़ख़मी नौजवान ने पुलिस को बताया कि वो चाय नोशी की ग़रज़ से दिलसुखनगर गया था। एक ज़राए ने ज़ख़मी के रिश्तेदार के हवाले से बताया कि वो यहां फुटपाथ पर कपड़ों का कारोबार करता है।

एक माह पहले ही इस ने यहां कारोबार शुरू किया था, लेकिन उस की क़िस्मत दुबारा ज़ख़मों से छलनी हो गई। मीडीया की क़ियास आराईयों के बाद पुलिस भी इसी ज़ावीए से तहक़ीक़ात कर रही है।

एक शख़्स का दो बार बम धमाकों में ज़ख़मी होना, पुलिस के शुबा में इज़ाफ़ा कर रहा है। पुलिस ने वासिफ़ मिर्ज़ा का अगला और पिछला रिकार्ड इकट्ठा करना शुरू कर दिया है।

2007 से पहले वासिफ़ की सरगर्मीयों और मक्का मस्जिद बम धमाकों के बाद की तफ़सीलात इकट्ठा की जा रही हैं। कल जब ज़ख़मियों की तफ़सीलात पुलिस इकट्ठा कर रही थी तो उसे ये पता चला कि वासिफ़ मिर्ज़ा दो मर्तबा बम धमाकों में ज़ख़मी हो चुका है, जिससे पुलिस के शक को तक़वियत पहुंची है।

इसी तरह कल सुबह ता शाम दिलसुखनगर में पुलारेड्डी स्वीट्स के क़रीब ठहरी मारूति कार पर भी पुलिस को शक है। कमिशनर पुलिस साइबराबाद ने कार की मौजूदगी को भी तहक़ीक़ात के दायरे में शामिल करने का एलान किया है। उन्होंने वा किया कि सी सी कैमरे काम कर रहे हैं हैं।

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