Thursday , September 20 2018

देखें तस्वीरें: 17 और 18 फरवरी को दिल्ली की सड़कों पर दौडे़ंगा विन्टेज कारों का काफिला!

नई दिल्ली। साल 2010 से अपना ऐतिहासिक सफर प्रारभ करके विश्व भर मे धूम मचाने के बाद अपने 8वे वर्ष मे 21 गनसेल्यूट इंटरनेशनल विटेज कार रैली एण्डकॉन कोर्स शो देश की राजधानी नई दिल्ली से अपना दो दिवसीय प्रदर्शन आरंभ कर गुरूग्राम में समापन करेगा।

यह आयोजन केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की सहभागिता से आयोजित किया जा रहा है। 21 गन सेल्यूट रैली में 100 से भी अधिक दुर्लभ एवं प्रमुख विन्टेज कारें दिल्ली की सड़कों पर लोगों को 17 फरवरी, 2018 को अचंभित करेंगी।

दो दिवसीय 21 गन सेल्यूट इंटरनेशनल विटेज कार रैली की शुरूआत 17 फरवरी को इण्डिया गेट से होगी तथा दिल्ली और नई दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को छूती हुई मिलेनियम सिटी गुरूग्राम पहुंचेगी । पूरे देश तथा विदेशों से आई हुयी ये दुर्लभ विंटेज कारें एम्बिएंस ग्रीन्स, गोल्फ कोर्स मे दो दिवसीय 17- 18 फरवरी को प्रदर्शनी की शोभा बनेगी।

21 गन सेल्यूट विन्टेज रैली एक ऐसा मंच है जहां पर कि भारतीय एवं विदेशी अतिथियों को विन्टेज एवं क्लासिक कारों की रैली दिल्ली और गुरूग्राम की सड़कों पर भारतीय विरासत एवं संस्कृति के साथ देखने को मिल सकती है। और इस वर्ष भी, 21 गन सेल्यूट इंटरनेशनल विटेज कार रैली एण्ड कॉनकोर्स शो संस्करण का उद्घाटन प्रख्यात राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कार प्रशंसकों कला, संस्कृति एवं इतिहास विशेषज्ञों की मौजूदगी में किया जाएगा। इस मनमोहक कार रैली ने देश को आज विश्व हेरिटेज माॅर्निंग के मानचित्र में ला दिया है, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दुर्लभ और प्रमुख कारें इस ‘21 गन सेल्यूट ड्राइव‘ में शिरकत करने आ रहीं हैं।

इस अवसर पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए 21 गन सेल्यूट हेरिटेज एण्ड कल्चर ट्रस्ट के फाउण्डर और मैनेजिंग ट्रस्टी श्री मदन मोहन ने बताया कि ‘‘इस आयोजन के आठवें संस्करण में दुर्लभ एवं प्राचीन 1939 डेलाज डी8 120-यूएसए,1922 कि बेन्टले- आॅस्ट्रेलिया, 1908 की राॅल्स रायज सिल्वर डाॅन एवं 1965 की राॅल्स राॅयज सिल्वर क्लाउड-यूके, आरआर फेन्टम यंग एडिशन – सिंगापुर,1931 की अल्फा रोमियो 6सी 1750 जीएस जगातो एप्रिली-इटली प्रतिभागिता करने के लिए आ रही हैं। उन्होने बताया कि विन्टेज शो में इस वर्ष अन्य चुनिंदा विटेंज कार जैसे 1933 केडिलक वी-12, दुर्लभ 1930की केडिलक वी16(भारत में एकमात्र), 1922 की मून, 1949 की ब्यूक रोडमास्टर,1942 की पैकर्ड 180 लिमो तथा अनेक विन्टे ब्यूटीज भाग ले रही हैं।

21 गन सेल्यूट के बारे में: ‘21 गन सेल्यूट‘ नाम इम्पीरियल सेल्यूट के औपचारिक श्रेणीबद्ध प्रणाली से लिया गया है। 21 गन सेल्यूट की परिकल्पना स्वदेशी समृद्धि और सम्राटों की निगाहों पर आधारित है और यह सबसे बड़े सम्मान का विषय है कि पांच रियासतें अर्थात हैदराबाद, मैसूर, जम्मू एण्ड कश्मीर, बड़ोदरा और ग्वालियर इस इस आयोजन से जुड़े हैं।

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