Friday , December 15 2017

देवयानी आदर्श घोटाले में भी

महाराष्ट्र हुकूमत ने आदर्श घोटाले पर अदालती जांच पैनल की रिपोर्ट को मुस्तरद कर दिया, जिसमें तीन साबिक़ वुज़रा-ए-आला समेत कई लीडरों को क़ानूनी दफ़आत के संगीन ख़िलाफ़वर्ज़ियों का मुजरिम ठहराया गया था। जिन 25 लोगों को नाअहल पाया और फ़्

महाराष्ट्र हुकूमत ने आदर्श घोटाले पर अदालती जांच पैनल की रिपोर्ट को मुस्तरद कर दिया, जिसमें तीन साबिक़ वुज़रा-ए-आला समेत कई लीडरों को क़ानूनी दफ़आत के संगीन ख़िलाफ़वर्ज़ियों का मुजरिम ठहराया गया था। जिन 25 लोगों को नाअहल पाया और फ़्लैटों की गुमनाम ख़रीद – फ़रोख़त के 22 वाक़ियात सामने आए, उनमें अमरीका के साथ पैदा हुए सिफ़ारती तनाज़ा के मर्कज़ में रहने वाली देवयानी खोबरहड़े भी हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आदर्श सोसाइटी को साबिक़ वुज़रा-ए-आला विलास राव देशमुख , सुशील कुमार शिंदे और अशोक चवान , साबिक़ वज़ीर शिवाजीराव पाटिल , साबिक़ वज़ीर सुनील ततकरे और राजेश तोपे का सियासी तहफ़्फ़ुज़ हासिल था। अशोक चवान ऐसे अकेले वज़ीर-ए-आला हैं , जिन्हें सी बी आई ने घोटाले में मुबय्यना करार दिया , लेकिन गवर्नर ने कुछ दिन पहले जांच एजेंसी को उन के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चालाने की इजाज़त देने से इनकार कर दिया। आदर्श हाऊसिंग सोसाइटी के फ़ायदा उठाने में मुख़्तलिफ़ जमातों के सियासतदान और उन के रिश्तेदार शामिल हैं ।

जिन लोगों को फ़्लैटों की मिल्कियत से नाअहल पाया गया है , उनमें महाराष्ट्र असेंबली के साबिक़ स्पीकर एन सी पी के बाबासाएएब कोप्पीकर, साबिक़ शिवसेना के रहनुमा सुरेश और साबिक़ वज़ीर-ए-आला अशोक चवान के तीन रिश्देदार शामिल हैं, अशोक चवान को घोटाला सामने आने के बाद वज़ीर-ए-आला का ओहदा छोड़ना पड़ा था।

सी एम पृथ्वी राज चौहान ने कहा कि जांच कमीशन के नताइज को मुस्तरद करने का फ़ैसला काबीना ने अवामी मुफ़ाद में लिया। ताहम, उन्हों ने इस सिलसिले में तफ़सील फ़राहम करने से इनकार कर दिया कि काबीना का ये फ़ैसला अवाम के हक़ में किस तरह था . ये इंतिज़ार रिपोर्ट को इस साल 18 अप्रैल को रियासती हुकूमत को सौंपी गई थी और उसे जुमा को असेंबली के सरमाई इजलास के आख़िरी दिन ऐवान में रखा गया।

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