Friday , February 23 2018

देश का संविधान सबसे ऊपर है, पर्सनल लॉ नहीं : अरुण जेटली

दिल्ली : अरुण जेटली ने तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा है रविवार को वित्त वित्त मंत्री ने अपने ब्लॉग में इसे और यूनिफॉर्म सिविल कोड को अलग-अलग मुद्दा बताया है. ‘तीन तलाक और सरकार के हलफनामे’ शीर्षक से लिखे गये ब्लॉग में वित्त मंत्री ने कहा कि देश का संविधान सबसे ऊपर है. कोई भी पर्सनल लॉ संविधान के हिसाब से ही होना चाहिए. ये हर नागरिक का मौलिक अधिकार है.

वित्त मंत्री ने लिखा कि तीन बार तलाक को भी समानता के अधिकार और सम्मान के साथ जीने के पैमाने पर ही परखा जाना चाहिए. ये कहने की जरूरत नहीं कि दूसरे पर्सनल लॉ पर भी यही पैमाना लागू होता है|

सरकार भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति साफ कर चुकी है कि तीन बार तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड अलग-अलग मुद्दे हैं, बता दें कि कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने तीन बार तलाक खत्म करने की राय दी है, लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मुद्दे पर झुकने को तैयार नहीं है| मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सरकार को धार्मिक मामलों में दखल न देने को कह रहा है|

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