Thursday , July 19 2018

देश में होते महंगे इलाज़ पर सरकार कदम उठाए- सुप्रीम कोर्ट

देश में मंहगे हो रहे मेडिकल इलाज पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि उसे कुछ न कुछ करना चाहिए क्योंकि जनता इतना मंहगा इलाज कराने में सक्षम नहीं है।

शीर्ष अदालत की यह टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण ने हाल ही में कहा था कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के चार निजी अस्पतालों में मरीजों से लिए जाने वाले बिल में गैर अनुसूची वाली दवाओं और जांच की कीमत सबसे बड़ा हिस्सा होता है जिसमे लाभ 1192 फीसदी तक होता है।

राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल मूल्य प्राधिकरण के विश्लेषण के अनुसार जीवन के लिए खतरा होने वाले निम्न रक्तचाप के उपचार के लिए आपात मामलों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं में लाभ 1192 फीसदी तक लिया जा रहा है।

औषधि मूल्य नियामक ने हाल ही में कहा था कि ऐड्रनार 2 एमएल के इंजेक्शन का अधिकतम खुदरा मूल्य 189.95 रूपए है और अस्पतालों के लिए इसका खरीद मूल्य 14.70 रूपए होता है लेकिन मरीजों से कर सहित 5,318.60 रूपए वसूले जाते हैं।

न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा, ‘‘भारत में मेडिकल उपचार की लागत बहुत ही ज्यादा है।

जनता को इतना ज्यादा कीमत होने की वजह से मेडिकल उपचार नहीं मिल पा रहा है। सरकार को इस संबंध में कुछ न कुछ करना चाहिए।’’

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