Wednesday , December 13 2017

दोनों शहरों में शब मेराज का ख़ुशू-ओ-ख़ुज़ू से एहतेमाम

दोनों शहरों में शबे मेराज के मौके पर जलसे आम का इनइक़ाद अमल में आया। मुख़्तलिफ़ मुक़ामात पर मुनाक़िद जलसे शबे मेराज से उलमाए किराम-ओ-मशाइख़ीन उज़्ज़ाम ने अपने ख़िताब के दौरान उमत मुस्लिमा को तलक़ीन की के वो मेराज के मौके पर अल्लाह की तरफ स

दोनों शहरों में शबे मेराज के मौके पर जलसे आम का इनइक़ाद अमल में आया। मुख़्तलिफ़ मुक़ामात पर मुनाक़िद जलसे शबे मेराज से उलमाए किराम-ओ-मशाइख़ीन उज़्ज़ाम ने अपने ख़िताब के दौरान उमत मुस्लिमा को तलक़ीन की के वो मेराज के मौके पर अल्लाह की तरफ से रसूल अल्लाह(स०) के ज़रीये उम्मत को दिए गए नमाज़ के तोहफ़े को क़बूल करके नमाज़ क़ायम करें।

उलमा ने उमत में फैल रही बेराहरवी पर तशवीश का इज़हार किया और कहा कि नबी अकरम (स०) ने अपनी उमत को जो तोहफ़ा नमाज़ की शक्ल में दिया है, इस तोहफे के ज़रीया उम्मत तमाम तर बेराहरवैयों से महफ़ूज़ रह सकती है।

मर्कज़ी जलसा शबे मेराज जामा मस्जिद चौक में मुनाक़िद हुआ जिस की निगरानी अल्हाज मौलाना मुहम्मद हुसाम उद्दीन सानी जाफ़र पाशाह ने की।

उल्मा ने कहा कि वाक़िया मेराज से मिल्लत-ए-इस्लामीया को जो दरस हासिल होता है उसे समझने की ज़रूरत है। मौलाना सय्यद शाह जमाल उलरहमन ने उम्मत मुहम्मदिया को मश्वरा दिया कि वो नमाज़ क़ायम करने में किसी किस्म की कोताही ना करें।

नमाज़ एक एसी इबादत है जो तमाम बुराईयों से इंसान को रोकती है। इसके अलावा मेराज उन्नबी(स०) कांफ्रेंस मोग‌लपुरा प्ले गराउंड में कुल हिंद मर्कज़ी रहमत आलम कमेटी के ज़ेरे एहतेमाम मुनाक़िद हुई।

मौलाना डॉ सय्यद इरशाद अहमद बुख़ारी-ओ-अल्लामा मुजीब उलरहमन मिस्बा ही ने शिरकत की। क़ुली क़ुतुब शाह स्टेडीयम में बज़म रहमत आलम के ज़ेरे एहतेमाम मुनाक़िदा मर्कज़ी जलसा शबे मेराज में मौलाना मुहम्मद शमीम अल्ज़मां कादरी ने मुख़ातब किया।

कई मसाजिद-ओ-दीनी मदारिस में जलसा मेराज का इनइक़ाद अमल में आया। कई दीनी मदारिस में शबे मेराज के मौके पर ख़ुसूसी दुआओं का एहतेमाम किया गया। लोग मसाजिद में इबादात में मसरूफ़ देखे गए।

TOPPOPULARRECENT